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अब सूंघने से पता चलेगा कोरोना है या नहीं, गंध महसूस नहीं हुई तो आप हो सकते हैं संक्रमित मरीज

Sat, 18 Jul 2020 01:03 PM IST
खुशबू गोयल नवनीत छिब्बर, मोहाली
नवनीत छिब्बर, मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 18 Jul 2020 01:03 PM IST
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National Agro Food Biotechnology Institute Scientists Preparing Corona Rapid Testing Kit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अब सूंघने से पता चल जाएगा कि कोरोना हुआ है या नहीं। अगर आपको गंध महसूस नहीं हुई तो आप कोरोना संक्रमित मरीज हो सकते हैं।
National Agro Food Biotechnology Institute Scientists Preparing Corona Rapid Testing Kit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मोहाली के नेशनल एग्री-फूड बॉयो टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (नाबी) के वैज्ञानिक कोविड-19 की प्राथमिक जांच के लिए किट तैयार कर रहे हैं। इसके बाद दफ्तरों, शोरूम व कॉमर्शियल प्लेस पर आने वाले लोगों की गंध से कोरोना महामारी के लक्षणों की पहचान की जा सकेगी। इस रिसर्च में पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों की टीम भी सहयोग कर रही है। इस कोरोना रैपिड टेस्टिंग किट को घर व रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीजों से तैयार किया जा रहा है।
National Agro Food Biotechnology Institute Scientists Preparing Corona Rapid Testing Kit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नाबी के वैज्ञानिक कोरोना की प्राथमिक जांच के लिए किट तैयार करने में जुटे हैं। इसकी शुरुआती सफलता से वैज्ञानिक उत्साहित हैं। अभी इस पर फाइनल रिसर्च जारी है। कामयाबी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार व आयुष मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे व्यावसायिक रूप से बाजार में आने में छह महीने का वक्त लगेगा। नाबी के साइंटिस्ट डॉ. महेंद्र विश्नोई इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इस रिसर्च में डॉ विश्नोई को उनकी टेक्निकल व लैब टीम के साथ पीजीआई के डॉक्टर भी सहयोग दे रहे हैं।
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National Agro Food Biotechnology Institute Scientists Preparing Corona Rapid Testing Kit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉ. विश्नोई ने बताया कि किट को तैयार करने में घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिनमें अधिकांश रसोई में इस्तेमाल होने वाले फूड प्रोडक्ट्स हैं। शुरुआती टेस्टिंग में जो खामियां मिलीं, अब उन पर काम चल रहा है। अब लैब में उनके प्यूरीफाइड वर्जन तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद किट का क्लीनिकल ट्रायल, एप्रूवल व औद्योगिक उत्पादन की पूरी प्रक्रिया में करीब 6 महीने का वक्त लग सकता है।
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National Agro Food Biotechnology Institute Scientists Preparing Corona Rapid Testing Kit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ऐसे काम करेगी रैपिड टेस्टिंग किट
नाबी की कोरोना रैपिड टेस्टिंग किट के उपयोग में किसी तरह का सैंपल नहीं लिया जाएगा। डॉ. महेंद्र बिश्नोई का कहना है कि किट वायरस के शरीर में मौजूदगी के लक्षणों की पहचान करने में सहायक होगी। इस किट में दिए पदार्थ को सूंघना होगा। जिस व्यक्ति को किट सूंघने पर गंध महसूस होगी, उसमें कोरोना के लक्षण नहीं होंगे। लेकिन जिस व्यक्ति को किट सूंघने के बाद कोई गंध महसूस नहीं होगी, उसमें कोरोना वायरस के प्राथमिक लक्षण माने जाएंगे। लेकिन कोविड-19 वायरस का निर्धारण फाइनल टेस्टिंग से ही होगा। उनका कहना है कि किट का इस्तेमाल दफ्तरों व कॉमर्शियल प्लेस में आने वाले लोगों के लिए किया जा सकेगा। यह रैपिड किट संक्रमण के फैलाव को रोकने में सहायक होगी।
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