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अब बिजली के लिए भी कराना होगा रिचार्ज, जितने पैसे देंगे उतनी चलेगी, जानें कैसे और फायदे
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Sep 2018 04:13 PM IST
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मोबाइल की तरह अब बिजली भी रिचार्ज कराने पर चलेगी। जितने का रिचार्ज कराएंगे, उतनी ही बिजली मिलेगी, बैलेंस खत्म बिजली गुल। जानिए कैसे और क्या होगा फायदा।
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अब आप जितने रुपये का रिचार्ज करेंगे, घर में उतनी ही बिजली जला पाएंगे। आने वाले समय में आपके घर का मीटर स्मार्ट होने के साथ ही प्रीपेड मोबाइल फोन की तरह काम करेगा। बैलेंस होने पर घर में बिजली रहेगी और बैलेंस खत्म होते ही बिजली गुल हो जाएगी। मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद बिजली विभाग ने इस नई और हाईटेक व्यवस्था पर काम करना शुरू कर दिया है। इससे जहां शहर के लोगों को बेहतर आपूर्ति मिल सकेगी। वहीं बिजली चोरी पर भी अंकुश लगेगा।
बिजली मीटर
स्मार्ट पावर ग्रिड का पायलट प्रोजक्ट करीब 260 करोड़ रुपये का है। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत इंडस्ट्रियल एरिया से होने जा रही है। प्रोजेक्ट के विषय में यूटी के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एमपी सिंह ने बताया कि स्मार्ट पावर ग्रिड पायलट प्रोजेक्ट के लिए दो कंपनियों को हायर किया गया है। पहले चरण में इंडस्ट्रियल एरिया के 30 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जाएगा। इसमें लागत करीब 36 करोड़ रुपये आएगी। पूरे शहर के लिए प्रशासन ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के लिए 260 करोड़ की मंजूरी दी है।
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बिजली मीटर
पुराने मीटर बदले जाएंगे
मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद प्रयोग के तौर पर इलेक्ट्रानिक मीटर लगने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक और दो में पायलट प्रोजेक्ट तहत काम शुरू जा रहा है। इस एरिया में सभी उपभोक्ताओं के पुराने मीटर स्मार्ट मीटर से बदले जाएंगे। जिसे एडवांस्ड मिटरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम दिया गया है। इसके तहत बिजली की सभी लाइन अंडर ग्राउंड करने के साथ ही सब स्टेशन और सप्लाई नेटवर्क मजबूत किया जाना है।
मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद प्रयोग के तौर पर इलेक्ट्रानिक मीटर लगने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक और दो में पायलट प्रोजेक्ट तहत काम शुरू जा रहा है। इस एरिया में सभी उपभोक्ताओं के पुराने मीटर स्मार्ट मीटर से बदले जाएंगे। जिसे एडवांस्ड मिटरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम दिया गया है। इसके तहत बिजली की सभी लाइन अंडर ग्राउंड करने के साथ ही सब स्टेशन और सप्लाई नेटवर्क मजबूत किया जाना है।
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बिजली मिटर
कंट्रोल रूम से पता चल जाएगी बिजली चेारी
सिटी में बिजली चोरी रोकने के लिए डिपार्टमेंट ने सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजेशन (सकाडा) कंट्रोल रूप बनाया है। यहां बैठा कर्मचारी किसी भी कंज्यूमर की कंजप्शन ज्यादा होने पर बिजली कट लगा देगा। साथ ही उसे मैसेज भी देगा। वहीं इसमें लाइन टूटने या फॉल्ट का भी पता लगता रहेगा। इसमें एरिया के उपभोक्ता की बिजली चली जाने पर दूसरे सब स्टेशन से सकाडा के कंप्यूटराइज सिस्टम से ऑटोमेटिक जोड़ी जाएगी। स्मार्ट मीटर का कंट्रोल सेक्टर 17 के बिजली विभाग के ऑफिस में होगा।
सिटी में बिजली चोरी रोकने के लिए डिपार्टमेंट ने सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजेशन (सकाडा) कंट्रोल रूप बनाया है। यहां बैठा कर्मचारी किसी भी कंज्यूमर की कंजप्शन ज्यादा होने पर बिजली कट लगा देगा। साथ ही उसे मैसेज भी देगा। वहीं इसमें लाइन टूटने या फॉल्ट का भी पता लगता रहेगा। इसमें एरिया के उपभोक्ता की बिजली चली जाने पर दूसरे सब स्टेशन से सकाडा के कंप्यूटराइज सिस्टम से ऑटोमेटिक जोड़ी जाएगी। स्मार्ट मीटर का कंट्रोल सेक्टर 17 के बिजली विभाग के ऑफिस में होगा।