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राम रहीम केस में सामने आए नए सच, पर सवाल वही- किसने रची साजिश?
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 30 Oct 2017 09:11 AM IST
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Ram rahim
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पंचकूला में हिंसा कराने और राम रहीम को भगाने की साजिश मामले में कई नए सच सामने आए हैं, लेकिन सवाल वहीं का वहीं कि साजिश का खाका किसने कब तैयार किया।
Ram rahim
मामले में हनीप्रीत, डेरा की कंपनी के सीईओ सीपी अरोड़ा, दिलावर, चमकौर सिंह सहित डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश में शामिल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जेड प्लस सिक्योरिटी के बावजूद इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने का खाका किसने और कब तैयार किया, यह अब भी एक बड़ा सवाल है। इस मामले में गिरफ्तार चंडीगढ़ पुलिस का हेड कांस्टेबल लालचंद से पूछताछ में कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन अभी भी आरोपियों की तह तक पुलिस नहीं पहुंची है।
राम रहीम के साथ हनीप्रीत
पुलिस अब तक हिंसा की साजिश में शामिल आरोपियों आदित्य, पवन, मोहिंदर और गोबी राम को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इनमें से दो आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हो चुका है। इसके बावजूद दोनों आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी दोनों आरोपी कहां है, यह पुलिस के लिए अब भी बड़ा सवाल है। दोनों के गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुके हैं, बावजूद इसके आरोपियों का सुराग क्यों नहीं मिल रहा है।
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हनीप्रीत के साथ राम रहीम
डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश किसके इशारे पर रची गई, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है। इसी तरह हनीप्रीत भी पुलिस को 38 दिनों तक चकमा देती रही और पुलिस अलग अलग राज्यों में छापामारी करती रही। आखिरकार हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ कि वह पंजाब, राजस्थान में ही पनाह ले रही थी। लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी जब पड़ोसी राज्यों से भी आरोपियों का सुराग नहीं मिल सका है तो ऐसे लुक आउट नोटिस का क्या मतलब।
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राम रहीम के साथ हनीप्रीत
आदित्य और पवन इंसा के बारे में पुलिस को अगर कोई अहम सुराग मिले हैं तो उनकी गिरफ्तारी हो जाती। लेकिन दो महीने बाद भी हिंसा की साजिश के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होना एक बड़ा सवाल है। दूसरी ओर, दंगे कराने में राम सिंह चेयरमैन के नाम से मशहूर आरोपी का नाम सामने आया था। इसका खुलासा चमकौर सिंह ने पुलिस रिमांड में किया था। चमकौर सिंह ने पुलिस को बताया था कि पंचकूला में 25 अगस्त को हिंसा के लिए उसने राम सिंह को 18 लाख रुपये दिए थे।