{"_id":"5e4128b48ebc3ee61045eced","slug":"tashan-software-engineer-raman-world-record-to-travel-whole-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देखिए एक शख्स, जिसने 64 दिन में 64 हजार रुपये खर्च करके नाप डाला देश, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देखिए एक शख्स, जिसने 64 दिन में 64 हजार रुपये खर्च करके नाप डाला देश, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
Mon, 10 Feb 2020 03:32 PM IST
खुशबू गोयल
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 10 Feb 2020 03:32 PM IST
विज्ञापन
भारत दर्शन पर निकला रमन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक शख्स ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसके बारे में सोचता तो हर भारतीय है, लेकिन मंजिल तक पहुंच नहीं पाता। लेकिन इन्होंने अपनी मंजिल पाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
भारत दर्शन पर निकला रमन
- फोटो : अमर उजाला
बात हो रही है मोहाली निवासी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रमन कुमार खदरिया ने भारत के सभी 29 राज्यों की 15, 628.35 किलोमीटर की यात्रा 64 दिन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए तय की है। इतनी यात्रा आज तक किसी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं की है। यही वजह है कि उनका नाम अब गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज हो गया है। मौजूदा वक्त में केरल के वरकला में हॉस्टल मैनेजर के प्रोफेशन से जुड़े ने पूरे भारत की यात्रा के बाद दुनिया के 20 अन्य देशों में भी घूम चुके हैं। रमन ने अपनी यात्रा की शुरुआत 31 जुलाई 2017 से 2 अक्तूबर 2017 में की, लेकिन गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स के तय पैमानों के अनुसार इसका सर्टिफिकेट पाने में सवा दो साल लग गए। उन्हें कुछ दिन पहले ही गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स की तरफ से यह सर्टिफिकेट भेजा गया है।
भारत दर्शन पर निकला रमन
- फोटो : अमर उजाला
यात्रा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल
मोहाली के फेज 3बी2 के रमन कुमार खदरिया पहले ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने किसी एक देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहले से ही प्लान की गई यात्रा के दौरान 15,628.35 किलोमीटर की दूरी तय की है। भारत भ्रमण की इस यात्रा में रमन का ज्यादा पैसा भी खर्च नहीं हुआ। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ ही देश के 29 राज्यों में रुकने के लिए रमन ने मात्र 64 हजार रुपये ही खर्च किए हैं। इस राशि में उनके द्वारा की गई खरीदारी भी शामिल हैं।
मोहाली के फेज 3बी2 के रमन कुमार खदरिया पहले ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने किसी एक देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहले से ही प्लान की गई यात्रा के दौरान 15,628.35 किलोमीटर की दूरी तय की है। भारत भ्रमण की इस यात्रा में रमन का ज्यादा पैसा भी खर्च नहीं हुआ। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ ही देश के 29 राज्यों में रुकने के लिए रमन ने मात्र 64 हजार रुपये ही खर्च किए हैं। इस राशि में उनके द्वारा की गई खरीदारी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत दर्शन पर निकला रमन
- फोटो : अमर उजाला
एक सवाल से शुरू की थी यात्रा
जनवरी 2017 में रमन बाइक से बैग पैकिंग यात्रा कर रहे थे। इस दौरान यह कई राज्यों में गए। उसी दौरान जयपुर में एक शख्स से उनकी मुलाकात हुई। बातों ही बातों में उस शख्स ने इनसे पूछा कि आप क्या कर रहे हैं, तो इन्होंने जवाब दिया कि वह बैग पैकर्स हैं। तब उसने इनसे सवाल किया कि यह बैग पैकर्स क्या होते हैं, क्या इसका भी कोई सर्टिफिकेट होता है। इस सवाल ने रमन का दिमाग हिला दिया और बना दिया विश्व रिकॉर्ड।
जनवरी 2017 में रमन बाइक से बैग पैकिंग यात्रा कर रहे थे। इस दौरान यह कई राज्यों में गए। उसी दौरान जयपुर में एक शख्स से उनकी मुलाकात हुई। बातों ही बातों में उस शख्स ने इनसे पूछा कि आप क्या कर रहे हैं, तो इन्होंने जवाब दिया कि वह बैग पैकर्स हैं। तब उसने इनसे सवाल किया कि यह बैग पैकर्स क्या होते हैं, क्या इसका भी कोई सर्टिफिकेट होता है। इस सवाल ने रमन का दिमाग हिला दिया और बना दिया विश्व रिकॉर्ड।
विज्ञापन
भारत दर्शन पर निकला रमन
- फोटो : अमर उजाला
गिनीज बुक ने रखीं थी ये शर्तें
रिकार्ड बनाने के लिए गिनीज बुक ने रमन के सामने कुछ शर्तें रखीं थीं। इनमें रिकार्ड बनाने के लिए एक जीपीएस डिवाइस खरीदना था। इसके साथ ही जहां भी जाते वहां से दो लोगों के सिग्नेचर और वहां के फोटो और वीडियो रिकार्ड भी लेते थे। किसी भी एक स्थान पर 7 दिन से ज्यादा नहीं रुकते थे। इस सबसे अहम शर्त यह थी कि एक बार जिस रास्ते से गुजर गए वहां दोबारा नहीं जा सकते थे।
रिकार्ड बनाने के लिए गिनीज बुक ने रमन के सामने कुछ शर्तें रखीं थीं। इनमें रिकार्ड बनाने के लिए एक जीपीएस डिवाइस खरीदना था। इसके साथ ही जहां भी जाते वहां से दो लोगों के सिग्नेचर और वहां के फोटो और वीडियो रिकार्ड भी लेते थे। किसी भी एक स्थान पर 7 दिन से ज्यादा नहीं रुकते थे। इस सबसे अहम शर्त यह थी कि एक बार जिस रास्ते से गुजर गए वहां दोबारा नहीं जा सकते थे।