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इस मंदिर में 'लंगूर' का रूप धारण करते हैं बच्चे, पूरी होती है ये मनोकामना, जानें क्या है मान्यता

Sun, 29 Sep 2019 06:55 PM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 29 Sep 2019 06:55 PM IST
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The 10-day 'Langur Mela' begins at Bada Hanuman Mandir in Amritsar
- फोटो : ANI

29 सिंतबर से नवरात्रि प्रारंभ हो गए हैं। अमृतसर के बड़ा हनुमान मंदिर में 10 दिवसीय भारत का प्रसिद्ध 'लंगूर मेला' शुरू हो चुका है। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी मान्यता और महत्व के बारे में...

The 10-day 'Langur Mela' begins at Bada Hanuman Mandir in Amritsar
- फोटो : अमर उजाला

अमृतसर का बड़ा हनुमान मंदिर भी काफी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां हर साल लंगूरों का मेला लगता है और देश-विदेश से बच्चे लंगूर बनने के लिए आते हैं। श्री दुर्ग्याणा तीर्थ परिसर में रविवार को प्रसिद्ध लंगूर मेला शुरू हुआ। दुनियावी कपड़े उतार कर भगवान हनुमान का चोला पहन कर बच्चे लंगूर बनकर ढोल की थाप पर नाच रहे थे। उनके परिजन लंगूर के सिर पर रुपये वार कर परिवार के सदस्यों को बधाई देते हैं। फिर भगवान श्री हनुमान के मंदिर में माथा टिकाने के लिए हनुमान चालीसा का जाप करते पहुंचते हैं। 

The 10-day 'Langur Mela' begins at Bada Hanuman Mandir in Amritsar
- फोटो : अमर उजाला

मंदिर में माथा टेकने के बाद नाचते गाते घर रवाना हो जाते हैं। भ्रूणहत्या के विरोध में कुछ अभिभावक अपनी बेटियों को भी लंगूर बनाकर यह संदेश दे रहे हैं कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं है। बेटियां पैदा होने पर भी लंगूर सजाईं जा सकती है। लंगूर मेला केवल हिंदू धर्म तक सीमित नहीं है। अब सिख धर्म के अनुयायी भी मन्नत पूरी होने पर लंगूर सजाने के लिए श्री हनुमान मंदिर पहुंचते हैं। 



 

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The 10-day 'Langur Mela' begins at Bada Hanuman Mandir in Amritsar
- फोटो : अमर उजाला

इन सिख परिवारों ने मंत्रोच्चारण के बाद अपने बेटे को लंगूर का चोला पहनाया। बच्चे ने भगवान श्री हनुमान मंदिर में माथा टेका। दशहरे तक कड़ी तपस्या से गुजरने वाले इन लंगूरों के अभिभावक भी लंगूर बने बच्चों के साथ बिस्तर पर नहीं सोते। न ही चाकू का कटा खाते हैं और न ही चपल पहनते हैं। दशहरे के दिन रावण पर हाथों से पकड़ी छड़ी से प्रहार करने के बाद लंगूर अपना चोला मंदिर में माथा टेकने के बाद उतारते हैं। 

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The 10-day 'Langur Mela' begins at Bada Hanuman Mandir in Amritsar
- फोटो : अमर उजाला

पांच हजार लंगूरों के नाच ने पूरा वातावरण राममयी कर दिया
लंगूर का चोला पहन पांच हजार से अधिक बच्चे जब ढोल की ताल पर नाचे तो पूरा वातावरण राममयी हो गया। सुरक्षा के लिए पुलिस ने मंदिर परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। तीर्थ के सभी रास्तों विशेषकर मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर पुलिस की एक एलएमजी गाड़ी भी तैनात थी। पुलिस ने हठी गेट व गोलबाग स्टेशन से दुर्ग्याणा मंदिर जाने वाले रास्तों पर गतिरोधक लगा रखे थे। 

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