{"_id":"6317282c1756f23acb34b674","slug":"video-of-man-came-to-collect-ration-of-poor-from-mercedes-in-punjab-went-viral-on-social-media","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Punjab: मर्सिडीज में राशन लेने आए 'गरीब' का वीडियो वायरल, जांच में सामने आई ये सच्चाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: मर्सिडीज में राशन लेने आए 'गरीब' का वीडियो वायरल, जांच में सामने आई ये सच्चाई
Tue, 06 Sep 2022 04:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 06 Sep 2022 04:47 PM IST
विज्ञापन
मर्सिडीज कार में गेहूं रखता रमेश सैनी।
- फोटो : वीडियो ग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब में मर्सिडीज में गरीबों का राशन लेने आए व्यक्ति का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में एक व्यक्ति नीले रंग की मर्सिडीज गाड़ी में सरकार की ओर से गरीबों को दिए जाने वाले सस्ते गेहूं के बोरे रखकर ले जाता दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल हुआ और लोगों ने इस पर कई तरह के कमेंट करने शुरू कर दिए। लोगों का मानना था कि सरकार की ओर से गरीबों को दी जाने वाली सुविधाओं का इसी तरह दुरुपयोग होता है और अमीर सस्ते राशन के मामले में भी मलाई काट रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का शोर मचा तो सरकार भी हरकत में आई और फूड सप्लाई विभाग को मामले की जांच करने के आदेश दिए गए। इसके बाद अमर उजाला ने मामले की तह में जाकर तहकीकात की तो असलियत कुछ और ही निकली।
रमेश सैनी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
वीडियो में मर्सिडीज लेकर आया शख्स होशियारपुर के अव्वल रोड पर रहने वाला रमेश कुमार सैनी है जो पेशे से पहले एक ट्रक चालक था। एक हादसे में पैर टूटने के बाद वह अपना काम छोड़ने को मजबूर हो गया। रमेश का बेटा अनूप सैनी फोटोग्राफर है और स्थानीय रोशन ग्राउंड रोड पर 4000 के किराये की दुकान में अपना स्टूडियो चलाता है जबकि घर के खर्च में पति का हाथ बंटाने के लिए उसी छोटी सी दुकान में उसकी पत्नी राजविंदर कौर सिलाई करती है।
वायरल वीडियो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
अनूप ने बताया कि उसकी दो बेटियां हैं जो सरकारी स्कूल अज्जोवाल में पढ़ती हैं। वायरल वीडियो पर उनका कहना था कि मर्सिडीज रखना तो दूर घर का खर्च भी बमुश्किल चल पाता है। रमेश सैनी के अनुसार, मर्सिडीज पड़ोस में रहने वाले उनके एनआरआई रिश्तेदारों की हैं जो अमेरिका में रहते हैं और साल डेढ़ साल बाद कभी कभार ही कुछ दिन के लिए आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
होशियारपुर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
डीजल की गाड़ी होने के चलते मर्सिडीज की बैटरी जल्दी डाउन हो जाती है और मेंटेनेंस पर भी फिर बार-बार खर्च करना पड़ता है इसलिए उनके रिश्तेदारों ने उन्हें कहा है कि वह इसकी देखभाल करते रहा करें। इसी कारण वह हर 10-15 दिन बाद गाड़ी के इंजन को कुछ देर स्टार्ट करके थोड़ी दूरी तक गाड़ी चलाकर वापस खड़ी कर देते हैं ताकि गाड़ी जाम न हो।
विज्ञापन
मर्सिडीज कार।
- फोटो : वीडियो ग्रैब
रमेश कुमार ने बताया कि वह उस दिन भी इसी तरह गाड़ी स्टार्ट करके चलाने के लिए निकले थे कि रास्ते में उन्होंने देखा कि उनके बच्चे डिपो पर गेहूं लेने के लिए खड़े थे। बच्चों के कहने पर उन्होंने गाड़ी रोकी और डिपो से मिली गेहूं गाड़ी की डिक्की में डालकर घर ले आए। गाड़ी के कागजात दिखाते हुए उनका कहना था कि न तो गाड़ी उनकी है और न ही उनकी इतनी महंगी गाड़ी रखने की हैसियत है। अगर उनके पास इतने ही पैसे होते तो उनके बच्चे भी किसी महंगे स्कूल में पढ़ रहे होते। यह किसी की शरारत है और जानबूझकर किसी ने उनका वीडियो बनाया और यह कहकर वायरल कर दिया कि गाड़ी उनकी है जबकि गाड़ी से उनका कोई लेना-देना नहीं।