आईपीएल के पहले ही सत्र में शेन वार्न की कप्तानी में खिताब जीतने के बाद राजस्थान रॉयल्स फिर कभी फाइनल में नहीं पहुंची। टीम इस बार नई जर्सी में चैंपियन बनने का पुराना इतिहास दोहरा सकती है। विदेशी खिलाड़ी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होते रहे हैं। स्टीव स्मिथ, जोस बटलर, बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर की मौजूदगी किसी भी टीम को हराने में सक्षम है।
क्या है Rajasthan Royals की ताकत-कमजोरी, 12 साल से जारी खिताब का सूखा
डेविड मिलर, टॉम करन और एंड्रयू टाई भी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतिम एकादश में किसे जगह मिलती है। भारतीयों में अनुभवी रॉबिन उथप्पा और संजू सैमसन के अलावा रियान पराग और यशस्वी जायसवाल जैसे युवा तुर्क भी हैं।
ताकत: स्मिथ के रूप में टीम के पास अनुभवी कप्तान है। एक वर्ष का प्रतिबंध पूरा होने के बाद वह इस मंच पर बेहतर करने को बेताब होंगे। लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल टीम के लिए लगातार अच्छा करते रहे हैं।
कमजोरी: बेहतरीन ऑलराउंडर बेन स्टोक्स पिता की बीमारी के कारण शुरुआती कुछ मैचों में उपलब्ध नहीं होंगे। टीम के पास अच्छे फिनिशर की भी कमी है। तेज गेंदबाजी में आर्चर के अलावा उनादकट, आरोन और अंकित राजपूत के लिए यूएई की पिचों पर नई चुनौती होगी।
अब तक का प्रदर्शन
- 2008: चैंपियन
- 2009: छठा
- 2010: 7वां
- 2011: छठा
- 2012: 7वां
- 2013: तीसरा
- 2014: 5वां
- 2015: चौथा
- 2018: चौथा
- 2019: 7वां
टीम: स्टीव स्मिथ, बेन स्टोक्स, रियान पराग, संजू सैमसन, जोफ्रा आर्चर, जयदेव उनादकट, रॉबिन उथप्पा, मनन वोहरा, श्रेयस गोपाल, वरुण आरोन, अंकित राजपूत, मयंक मार्केंडय, ओश्ने थामस, यशस्वी जायसवाल, कार्तिक त्यागी, डेविड मिलर, टॉम कुरेन, एंड्रयू टाई, राहुल तेवतिया, अनिरुद्ध, अनुज रावत, महिपाल, आकाश, शशांक।