युजवेंद्र चहल भारतीय क्रिकेट में एक जाना-माना नाम बन चुके हैं। अपनी फिरकी के जाल में उलझाकर दिग्गज बल्लेबाजों के लिए खतरा बन चुके चहल ने हाल ही में एक शो के दौरान टीम इंडिया से संबंधित कई मजेदार वाकये साझा किए। 27 वर्षीय लेग स्पिनर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू सीरीज खेलने से लेकर एमएस धोनी से मिली वन-डे कैप के बारे में कई पल याद किए और यह भी बताया कि कैसे विकेटकीपर ने उन्हें घर जैसा महसूस कराया।
धोनी के सामने पहली बार आने पर ऐसी हो गई थी चहल की हालत, फिर जो हुआ उसे कभी न भुला सके युजी
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चहल ने वह किस्सा याद किया कि टीम सेलेक्शन से पहले उनका क्या हाल था और उसके बाद सब कैसे बदल गया। उन्होंने कहा, 'मेरा आईपीएल सत्र शानदार रहा और मुझे बिलकुल अंदाजा नहीं था कि टीम की घोषणा होने वाली है। जब बीसीसीआई वेबसाइट पर नाम आए तो मैं अपना नाम देखकर आश्चर्यचकित हो गया और लगातार डेढ़ घंटे तक उसे देखता रहा। अपना नाम देखकर करीब आधे घंटे तक रोता रहा। जिस दिन मैंने टीम इंडिया की जर्सी पहनी, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता।'
चहल ने आगे कहा, 'वन-डे की कैप मझे एमएस धोनी से मिली। वह महान हैं और जब मैं पहली बार उनसे मिला तो उनके सामने बात नहीं कर पा रहा था। जब जिम्बाब्वे में पहली बार मेरी उनसे मुलाकात हुई तब मैं उन्हें माही सर कहता था। कुछ समय के बाद उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि माही, धोनी, महेंद्र सिंह धोनी या भाई जो चाहे वो कहे, लेकिन सर नहीं बोलें।'
चहल ने साथ ही बताया कि विराट कोहली उनके लिए बड़े प्रेरणस्रोत हैं। कोहली की सकारात्मकता से चहल को न सिर्फ मैदान के अंदर बल्कि बाहर भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा, 'विराट भैया ने मुझे काफी प्रेरणा दी है। मैदान के अंदर और बाहर उन्होंने मेरी काफी मदद की है। उन्होंने मुझे कहा कि मेरी जिंदगी बदल चुकी है और मुझे फिट रहने की जरुरत है। मुझे अब फिटनेस का महत्व समझ आ चुका है। वर्कआउट के बाद मुझे अब अच्छा महसूस होता है।'
चहल ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा, 'शेन वॉर्न मेरे आदर्श हैं। मैंने अपना एक्शन 14 की उम्र में बनाया और 19 की उम्र में मैंने बीच मैच में अपना एक्शन बदल लिया। मैं थोड़ा लंबा रन-अप लेता हूं और मुझे पता है कि इससे स्पिन कम होती है व मुझे इसी का फायदा मिला। मैं अब मानसिक रूप से काफी मजबूत हूं।'