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Sanju Samson: जब सिस्टम से हारकर सैमसन के पिता ने छोड़ दी थी नौकरी, उसी बेटे ने भारत को दिलाया टी20 विश्व कप
Mon, 09 Mar 2026 05:43 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Mayank Tripathi
Updated Mon, 09 Mar 2026 05:43 PM IST
सार
टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने संजू सैमसन के पीछे उनके पिता के त्याग और संघर्ष की बड़ी कहानी छिपी है। दिल्ली में अंडर-13 टीम में चयन नहीं होने पर उनके पिता ने नौकरी तक छोड़ दी थी। आज उसी बेटे ने भारत को विश्व कप जिताकर उस भरोसे को सच साबित कर दिया।
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संजू सैमसन, उनके भाई और पिता
- फोटो : Sanju Samson (instagram)-PTI
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कभी दिल्ली की गलियों में एक पिता अपने बेटे के सपनों को बचाने की लड़ाई लड़ रहा था। सिस्टम से निराश होकर उसने अपनी पक्की नौकरी छोड़ दी, शहर छोड़ दिया और एक अनिश्चित भविष्य चुन लिया। वर्षों बाद वही बेटा अब देश को टी20 विश्व कप जिताने वाला नायक बन गया है। यह कहानी भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन और उनके पिता सैमसन विश्वनाथ की है।
संजू सैमसन
- फोटो : IANS
संघर्ष, विश्वास और त्याग की एक मार्मिक दास्तां
टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने अंतिम तीन मुकाबलों में शानदार पारियां खेलकर भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। लेकिन इस चमकदार सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा हुआ है, जिसे याद करते हुए उनके पिता की आवाज आज भी भावुक हो जाती है।
टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने अंतिम तीन मुकाबलों में शानदार पारियां खेलकर भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। लेकिन इस चमकदार सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा हुआ है, जिसे याद करते हुए उनके पिता की आवाज आज भी भावुक हो जाती है।
संजू सैमसन, उनके भाई और पिता
- फोटो : Sanju Samson (instagram)
सैमसन विश्वनाथ बताते हैं कि संजू के शुरुआती दिनों में उन्हें कई बार निराशा का सामना करना पड़ा। शानदार प्रदर्शन के बावजूद जब दिल्ली की अंडर-13 टीम में संजू का चयन नहीं हुआ, तो यह उनके लिए बहुत बड़ा झटका था। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे ने एक ही टूर में 500 रन बनाए थे, लेकिन उसे टीम में जगह नहीं मिली। कहा गया कि वह सिर्फ 10 साल का है और यह टूर्नामेंट 13 साल के बच्चों के लिए है। अगर उम्र ही मापदंड थी, तो फिर लियोनल मेसी 17 साल की उम्र में और सचिन तेंदुलकर 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे खेल रहे थे?'
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संजू सैमसन
- फोटो : PTI
जब बेटे के लिए पिता ने उठाया बड़ा कदम
यह वह पल था जब एक पिता ने अपने बेटे के सपने के लिए बड़ा फैसला लिया। दिल्ली पुलिस में वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने नौकरी से वीआरएस ले लिया और परिवार को लेकर केरल लौट गए। उन्होंने याद करते हुए कहा, 'मेरे बच्चे दिल्ली में ही पले-बढ़े थे। पत्नी ने भी पूछा कि इतनी बड़ी नौकरी क्यों छोड़ रहे हो। लेकिन मुझे यकीन था कि अगर संजू को सही माहौल मिला, तो वह चमकेगा। मैंने कहा कि अगर अभी उसका टैलेंट दब गया, तो वह भी बाकी बच्चों जैसा सामान्य खिलाड़ी बन जाएगा।'
ये भी पढ़ें: Sanju Samson: विश्वकप जीत के हीरो सैमसन को केरल सरकार करेगी सम्मानित, संजू ने पत्नी के लिए लिखा भावुक पोस्ट
यह वह पल था जब एक पिता ने अपने बेटे के सपने के लिए बड़ा फैसला लिया। दिल्ली पुलिस में वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने नौकरी से वीआरएस ले लिया और परिवार को लेकर केरल लौट गए। उन्होंने याद करते हुए कहा, 'मेरे बच्चे दिल्ली में ही पले-बढ़े थे। पत्नी ने भी पूछा कि इतनी बड़ी नौकरी क्यों छोड़ रहे हो। लेकिन मुझे यकीन था कि अगर संजू को सही माहौल मिला, तो वह चमकेगा। मैंने कहा कि अगर अभी उसका टैलेंट दब गया, तो वह भी बाकी बच्चों जैसा सामान्य खिलाड़ी बन जाएगा।'
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संजू सैमसन
- फोटो : PTI
पिता के सपने को हकीकत में बदला
केरल में नई शुरुआत हुई। वहीं से संजू का क्रिकेट करियर फिर पटरी पर आया और धीरे-धीरे वह भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाने लगे। आज जब टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन भारत की जीत के नायक बन चुके हैं, तो उनके पिता की आंखों में उस लंबे सफर की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे को लोगों ने डिस्टर्ब किया, उसे बहुत परेशान किया गया। लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं। अब उम्मीद है कि कुछ दिनों के लिए ऐसा नहीं होगा।' शायद यह सिर्फ एक क्रिकेटर की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस पिता के विश्वास की जीत भी है, जिसने अपने बेटे के सपने पर भरोसा किया, इतना भरोसा कि उसके लिए अपनी स्थायी नौकरी तक छोड़ दी। आज वही सपना विश्व कप की चमक के साथ पूरे देश के सामने खड़ा है।
ये भी पढ़ें: World Cup: भारत के पांच विश्व कप खिताब और हर बार दिखा 'केरल कनेक्शन', 2026 में संजू सैमसन बने जीत के नायक
केरल में नई शुरुआत हुई। वहीं से संजू का क्रिकेट करियर फिर पटरी पर आया और धीरे-धीरे वह भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाने लगे। आज जब टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन भारत की जीत के नायक बन चुके हैं, तो उनके पिता की आंखों में उस लंबे सफर की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे को लोगों ने डिस्टर्ब किया, उसे बहुत परेशान किया गया। लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं। अब उम्मीद है कि कुछ दिनों के लिए ऐसा नहीं होगा।' शायद यह सिर्फ एक क्रिकेटर की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस पिता के विश्वास की जीत भी है, जिसने अपने बेटे के सपने पर भरोसा किया, इतना भरोसा कि उसके लिए अपनी स्थायी नौकरी तक छोड़ दी। आज वही सपना विश्व कप की चमक के साथ पूरे देश के सामने खड़ा है।
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