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Team India: ऐसे पांच भारतीय बल्लेबाज जिन पर टिकी होंगी सारी निगाहें, क्या रोहित-कोहली जैसा कमाल दिखा पाएंगे?
Tue, 13 May 2025 09:25 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 13 May 2025 09:25 AM IST
सार
कोहली ने रन और शतकों की झड़ी लगा दी और भारत को टेस्ट क्रिकेट में कुछ बेहतरीन ऊंचाइयों और यादगार जीत तक पहुंचाया। वहीं, रोहित की बात करें तो टेस्ट करियर की शुरुआत उन्होंने भले ही मध्यक्रम में की हो, लेकिन 2019 में उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। आइए जानते हैं कि अब ऐसे कौन से खिलाड़ी हैं जो इन दोनों को टेस्ट क्रिकेट में रिप्लेस कर सकते हैं...
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शुभमन, यशस्वी, सुदर्शन, जुरेल और सरफराज
- फोटो : ANI
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एक हफ्ते के अंदर रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास ने भारतीय क्रिकेट के फैंस को चौंका कर रख दिया है। सात मई को रोहित ने और सोमवार को विराट ने सबसे लंबे प्रारूप को अलविदा कह दिया। इसी के साथ भारतीय क्रिकेट के अध्याय का अंत हो गया। 2012-13 में जब टीम इंडिया जब बदलाव के दौर से गुजरी थी, तब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों के जो रिप्लेसमेंट आए, उनमें से अब कोई टीम में नहीं है। रोहित-कोहली जैसे खिलाड़ी संन्यास ले चुके तो चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे हैं और उनकी वापसी की संभावना अब न के बराबर है। ऐसे में भारतीय टीम एक बार फिर बदलाव के दौर से गुजर रही है। हालांकि, बदलाव के पिछले दौर में विराट का किरदार बेहद अहम रहा था। उन्होंने पुजारा के साथ मिलकर मध्यक्रम को बेहद संजीदगी से संवारा। अब नए बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि उनकी विरासत को आगे ले जाएं।
विराट कोहली
- फोटो : ANI
क्रिकेट के मैदान पर शायद ही ऐसी कोई चुनौती रही हो जो विराट को विचलित कर सके। हालांकि, 2011 के वेस्टइंडीज दौरे पर डेब्यू टेस्ट में फिडेल एडवडर्स ने उन्हें खास परेशान किया, लेकिन कोहली ने उससे निपटने का तरीका तलाशने में देर नहीं की। टेस्ट क्रिकेट में विराट भले ही मनचाहे अंदाज में डेब्यू नहीं कर सके, लेकिन आगे चलकर उन्होंने कई इतिहास रचे। डेब्यू के बाद जब उन्होंने एक बार मीडिया से बातचीत की थी तो तब वह टेस्ट को लेकर थोड़े भ्रम और चिंता में थे। किंग्स्टन के एक रेस्तरां में लगभग 20 मिनट की मिनट की मीडिया से बातचीत का अंत उन्होंने इस तरह किया कि 'कुछ भी हो मैं हार नहीं मानूंगा'।
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रोहित शर्मा
- फोटो : ANI
उन्होंने चुनौतियों से लड़ना नहीं छोड़ा और 2014 से 2019 के बीच ऐसी ऊंचाईयों को छुआ जहां आधुनिक दौर के कई क्रिकेटर नहीं पहुंच पाए हैं। कोहली ने रन और शतकों की झड़ी लगा दी और भारत को टेस्ट क्रिकेट में कुछ बेहतरीन ऊंचाइयों और यादगार जीत तक पहुंचाया। वहीं, रोहित की बात करें तो टेस्ट करियर की शुरुआत उन्होंने भले ही मध्यक्रम में की हो, लेकिन 2019 में उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खूब रन बनाए। मध्यक्रम के साथ-साथ ओपनिंग करते हुए भी उनका बल्ला खूब चला। भारत में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज में भी उनके बल्ले ने रन उगला है। इन दोनों का पिछले कुछ समय में प्रदर्शन युवा बल्लेबाजों के लिए 'ब्लूप्रिंट' है। कोहली और रोहित के बाद भारतीय क्रिकेट की जिम्मेदारी इन्हीं युवाओं को संभालनी है। आइए जानते हैं ऐसे कौन से खिलाड़ी हैं जिन पर आगे भारतीय टीम का दारोमदार होगा, या यूं कहें ये अगली पीढ़ी के मुख्य बल्लेबाज बन सकते हैं...
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शुभमन गिल
- फोटो : BCCI
शुभमन गिल
अगली पीढ़ी के स्टार में शुभमन गिल सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं जो आने वाले दिनों में संभवत: भारत के मुख्य बल्लेबाज और टेस्ट कप्तान हो सकते हैं। शायद यह एक संयोग है ही है कि गिल भी कोहली के सामने खुद को उनके ही स्थान पर पाते हैं जब वह 25 साल के थे जिसमें उनका टेस्ट रिकॉर्ड औसत था। पंजाब के इस खिलाड़ी ने 32 टेस्ट में 35 के औसत से 1893 रन बनाये हैं। लेकिन गिल का इंग्लैंड में रिकॉर्ड औसत है जिसमें तीन टेस्ट में 14.66 की औसत से 88 रन शामिल हैं। अब देखना होगा कि क्या पंजाब का यह खिलाड़ी इंग्लैंड में अपनी किस्मत बदलने में अपने शानदार सीनियर की बराबरी कर सकता है। कोहली की तरह गिल को भी अपनी बल्लेबाजी में अनुशासन लाना होगा और स्विंग के लिए शरीर के करीब बल्लेबाजी करने की आदत बनानी होगी।
Rohit-Virat Test Retirement: 'रोहित-कोहली के संन्यास को चयनकर्ताओं ने...', अगरकर एंड कंपनी पर वेंगसरकर का बयान
अगली पीढ़ी के स्टार में शुभमन गिल सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं जो आने वाले दिनों में संभवत: भारत के मुख्य बल्लेबाज और टेस्ट कप्तान हो सकते हैं। शायद यह एक संयोग है ही है कि गिल भी कोहली के सामने खुद को उनके ही स्थान पर पाते हैं जब वह 25 साल के थे जिसमें उनका टेस्ट रिकॉर्ड औसत था। पंजाब के इस खिलाड़ी ने 32 टेस्ट में 35 के औसत से 1893 रन बनाये हैं। लेकिन गिल का इंग्लैंड में रिकॉर्ड औसत है जिसमें तीन टेस्ट में 14.66 की औसत से 88 रन शामिल हैं। अब देखना होगा कि क्या पंजाब का यह खिलाड़ी इंग्लैंड में अपनी किस्मत बदलने में अपने शानदार सीनियर की बराबरी कर सकता है। कोहली की तरह गिल को भी अपनी बल्लेबाजी में अनुशासन लाना होगा और स्विंग के लिए शरीर के करीब बल्लेबाजी करने की आदत बनानी होगी।
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यशस्वी जायसवाल
- फोटो : ANI
यशस्वी जायसवाल
जायसवाल का इंग्लैंड में पारी की शुरुआत करना निश्चित है। वह वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और भारत में यह काम पहले ही कर चुके हैं, लेकिन इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर यह काम कठिन होगा। जायसवाल ने ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज में रन बनाते हुए अपनी तकनीक और संयम दिखाया, लेकिन उन्हें इंग्लैंड में लेट स्विंग में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा और इसके लिए उन्हें अपने तेज ड्राइव और कट पर नियंत्रण रखना होगा। गेंद छोड़ने पर अधिक ध्यान देना होगा और आक्रमण करने के लिए सही मौका देखना होगा। यह कोई तकनीकी बदलाव नहीं है, लेकिन एक मानसिक बदलाव है और वह कोहली की ‘प्लेबुक’ से सीख सकते हैं। 2014 में संघर्ष के बाद कोहली ने 2018 में एंडरसन और ब्रॉड की ‘लेट स्विंग’ से निपटना सीखा और उन्होंने पांच मैचों में 59 की औसत से 593 रन बनाए।
जायसवाल का इंग्लैंड में पारी की शुरुआत करना निश्चित है। वह वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और भारत में यह काम पहले ही कर चुके हैं, लेकिन इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर यह काम कठिन होगा। जायसवाल ने ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज में रन बनाते हुए अपनी तकनीक और संयम दिखाया, लेकिन उन्हें इंग्लैंड में लेट स्विंग में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा और इसके लिए उन्हें अपने तेज ड्राइव और कट पर नियंत्रण रखना होगा। गेंद छोड़ने पर अधिक ध्यान देना होगा और आक्रमण करने के लिए सही मौका देखना होगा। यह कोई तकनीकी बदलाव नहीं है, लेकिन एक मानसिक बदलाव है और वह कोहली की ‘प्लेबुक’ से सीख सकते हैं। 2014 में संघर्ष के बाद कोहली ने 2018 में एंडरसन और ब्रॉड की ‘लेट स्विंग’ से निपटना सीखा और उन्होंने पांच मैचों में 59 की औसत से 593 रन बनाए।