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Central Contracts: ईशान-श्रेयस के केंद्रीय अनुबंध पर क्यों गिरी गाज? यहां जानें पूरा विवाद जिससे भड़का BCCI
Thu, 29 Feb 2024 10:44 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 29 Feb 2024 10:44 AM IST
सार
ईशान और श्रेयस के पास बीसीसीआई के मानदंडों का पालन न करने के पीछे अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन बोर्ड के पास ऐसा कुछ भी नहीं था। इसलिए, जो दो खिलाड़ी कुछ समय पहले तक भारतीय क्रिकेट की योजना का अभिन्न हिस्सा थे, अब केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा भी नहीं हैं।
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ईशान और श्रेयस
- फोटो : अमर उजाला
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ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को बीसीसीआई के वार्षिक केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया है। एक के नाम जहां वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड है तो दूसरा 2023 वनडे विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज। हालांकि, एक झटके में दोनों पर बीसीसीआई की गाज गिरी। इन दोनों के नाम पर आगे के टूर्नामेंट्स में भी विचान नहीं करने को लेकर बातें चल रही हैं। जून में शुरू हो रहे टी20 विश्व कप से भी इन्हें बाहर किया जा सकता है।
श्रेयस अय्यर
- फोटो : सोशल मीडिया
बीसीसीआई ने दिखाया- नियम सर्वोपरि
ईशान और श्रेयस के पास बीसीसीआई के मानदंडों का पालन न करने के पीछे अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन बोर्ड के पास ऐसा कुछ भी नहीं था। इसलिए, जो दो खिलाड़ी कुछ समय पहले तक भारतीय क्रिकेट की योजना का अभिन्न हिस्सा थे, अब केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा भी नहीं हैं और टीम में वापसी से काफी दूर हैं। बीसीसीआई ने दिखाया है कि वह अपने नियमों को लेकर कितना सख्त है और अपने दिशानिर्देशों की बार-बार अनदेखी करने के लिए खिलाड़ियों, चाहे वे कोई भी हो, पर सख्ती करने की क्षमता रखता है।
ईशान और श्रेयस के पास बीसीसीआई के मानदंडों का पालन न करने के पीछे अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन बोर्ड के पास ऐसा कुछ भी नहीं था। इसलिए, जो दो खिलाड़ी कुछ समय पहले तक भारतीय क्रिकेट की योजना का अभिन्न हिस्सा थे, अब केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा भी नहीं हैं और टीम में वापसी से काफी दूर हैं। बीसीसीआई ने दिखाया है कि वह अपने नियमों को लेकर कितना सख्त है और अपने दिशानिर्देशों की बार-बार अनदेखी करने के लिए खिलाड़ियों, चाहे वे कोई भी हो, पर सख्ती करने की क्षमता रखता है।
ईशान किशन और श्रेयस अय्यर
- फोटो : BCCI
सख्त कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा
लगभग कुछ हफ्ते पहले, जब बीसीसीआई सचिव जय शाह ने सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों को रेड बॉल क्रिकेट - रणजी और टेस्ट दोनों पर आईपीएल को प्राथमिकता नहीं देने के लिए एक पत्र लिखा था। यह माना गया था कि इस कदम से किशन और अय्यर जैसे खिलाड़ियों में कुछ सकारात्मकता आएगी। बोर्ड ने इन खिलाड़ियों को अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदलने की चेतावनी दी थी, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ, तो बोर्ड के पास सख्त कार्रवाई करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।
लगभग कुछ हफ्ते पहले, जब बीसीसीआई सचिव जय शाह ने सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों को रेड बॉल क्रिकेट - रणजी और टेस्ट दोनों पर आईपीएल को प्राथमिकता नहीं देने के लिए एक पत्र लिखा था। यह माना गया था कि इस कदम से किशन और अय्यर जैसे खिलाड़ियों में कुछ सकारात्मकता आएगी। बोर्ड ने इन खिलाड़ियों को अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदलने की चेतावनी दी थी, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ, तो बोर्ड के पास सख्त कार्रवाई करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।
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ईशान किशन
- फोटो : BCCI
दिसंबर में शुरू हुआ था पूरा विवाद
यह पूरा विवाद दिसंबर में शुरू हुआ था। दिसंबर में ईशान ने अचानक से दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम से खुद को रिलीज करने का अनुरोध किया था और बीसीसीआई इस पर सहमत हो गया था। ऐसा माना गया कि पीछे हटने के पीछे का कारण यह था कि वह मानसिक रूप से तैयार नहीं थे और ब्रेक चाहते थे। बीच में कुछ रिपोर्टें सामने आईं जिनमें कहा गया था कि ईशान प्लेइंग इलेवन में बार-बार नहीं चुने जाने से खुश नहीं थे। इसके अलावा उन्हें दुबई में पार्टी करते देखा गया था, जो बीसीसीआई को पसंद नहीं आया। हालांकि, इन दो कथित घटनाओं की कभी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन माना जाता है कि इसका अहम किरदार है।
यह पूरा विवाद दिसंबर में शुरू हुआ था। दिसंबर में ईशान ने अचानक से दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम से खुद को रिलीज करने का अनुरोध किया था और बीसीसीआई इस पर सहमत हो गया था। ऐसा माना गया कि पीछे हटने के पीछे का कारण यह था कि वह मानसिक रूप से तैयार नहीं थे और ब्रेक चाहते थे। बीच में कुछ रिपोर्टें सामने आईं जिनमें कहा गया था कि ईशान प्लेइंग इलेवन में बार-बार नहीं चुने जाने से खुश नहीं थे। इसके अलावा उन्हें दुबई में पार्टी करते देखा गया था, जो बीसीसीआई को पसंद नहीं आया। हालांकि, इन दो कथित घटनाओं की कभी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन माना जाता है कि इसका अहम किरदार है।
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राहुल द्रविड़ और ईशान किशन
- फोटो : सोशल मीडिया
द्रविड़ ने दी थी सलाह
जब राहुल द्रविड़ से इस बारे में पूछा गया, तो पहले तो उन्होंने ईशान के फैसले का सम्मान किया, लेकिन यह भी बताया कि किसी भी खिलाड़ी को भारत के लिए खेलने के लिए वापस आने के लिए घरेलू क्रिकेट की कठिन परिस्थितियों से गुजरना होगा। हालांकि, सब कुछ बीसीसीआई पर निर्भर करता है। द्रविड़ के बयान के बाद जब ईशान ने फिर भी इसका पालन नहीं किया, तो बीसीसीआई ने और सख्त कदम उठाने का मन बना लिया। बीसीसीआई को ईशान के ब्रेक लेने से कोई समस्या नहीं थी, लेकिन विश्व कप में भारत की दिल तोड़ने वाली हार से उबरने के बाद, उन्हें आईपीएल से पहले अपने नवनियुक्त कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ ट्रेनिंग करते देखा गया और उन्होंने खुद को रणजी ट्रॉफी के लिए उपलब्ध नहीं कराया। इसने ताबूत में आखिरी कील का काम किया।
जब राहुल द्रविड़ से इस बारे में पूछा गया, तो पहले तो उन्होंने ईशान के फैसले का सम्मान किया, लेकिन यह भी बताया कि किसी भी खिलाड़ी को भारत के लिए खेलने के लिए वापस आने के लिए घरेलू क्रिकेट की कठिन परिस्थितियों से गुजरना होगा। हालांकि, सब कुछ बीसीसीआई पर निर्भर करता है। द्रविड़ के बयान के बाद जब ईशान ने फिर भी इसका पालन नहीं किया, तो बीसीसीआई ने और सख्त कदम उठाने का मन बना लिया। बीसीसीआई को ईशान के ब्रेक लेने से कोई समस्या नहीं थी, लेकिन विश्व कप में भारत की दिल तोड़ने वाली हार से उबरने के बाद, उन्हें आईपीएल से पहले अपने नवनियुक्त कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ ट्रेनिंग करते देखा गया और उन्होंने खुद को रणजी ट्रॉफी के लिए उपलब्ध नहीं कराया। इसने ताबूत में आखिरी कील का काम किया।