भारत के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज कमेंटेटर रवि शास्त्री ने 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अब तक अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका नहीं मिलने पर टीम मैनेजमेंट की जमकर आलोचना की है। शास्त्री का मानना है कि आयरलैंड दौरे पर ही वैभव को प्लेइंग-11 में शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आईपीएल और अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को लगातार बेंच पर बैठाना समझ से परे है।
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वैभव सूर्यवंशी
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वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 776 रन बनाकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। इससे पहले उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में भी अहम भूमिका निभाई थी। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली, लेकिन अब तक उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला है। भारत ने आयरलैंड के खिलाफ दोनों मुकाबले गंवाए, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 बारिश के कारण रद्द हो गया।
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रवि शास्त्री
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'उसे आयरलैंड में जरूर खिलाना चाहिए था'
इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ने के बाद रवि शास्त्री ने टीम चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड के खिलाफ खेलने का सबसे अच्छा मौका था। शास्त्री ने कहा, 'अरे, वो खेलना चाहिए था यार। आयरलैंड के खिलाफ उसे जरूर खिलाना चाहिए था। वहां की पिच धीमी और स्पंजी थी। वह गेंदबाजों की धुनाई कर देता। मैदान भी छोटा था। वह उनकी पूरी हालत खराब कर देता। उसे वहां जरूर मौका मिलना चाहिए था। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, मुझे नहीं पता। लेकिन उसे जल्द से जल्द एक मैच जरूर खिलाना चाहिए।'
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रवि शास्त्री
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'आईपीएल में किस तेज गेंदबाज को छोड़ा था?'
शास्त्री ने कहा कि वैभव ने आईपीएल में लगभग हर बड़े गेंदबाज के खिलाफ रन बनाए हैं, इसलिए उसे बेंच पर बैठाना गलत फैसला है। शास्त्री ने कहा, 'उसने आईपीएल में सबकी धुनाई की है। बताइए, किस तेज गेंदबाज को उसने छोड़ा था? और आप उसे बेंच गर्म करवाए जा रहे हैं।'
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वैभव सूर्यवंशी
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बताया टीम इंडिया का एक्स-फैक्टर
पूर्व भारतीय कोच ने वैभव को टीम इंडिया का 'एक्स-फैक्टर' बताते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका निडर रवैया है। शास्त्री ने कहा, 'वह एक्स-फैक्टर खिलाड़ी है। उसके ऊपर किसी तरह का दबाव या बोझ नहीं है। वह सिर्फ 15 साल का है और युवाओं वाला जोश रखता है। उसके अंदर कोई डर नहीं है। अगर वह शुरुआती दो-तीन ओवर में जम गया तो टीम को ऐसी शुरुआत देगा, जिसका फायदा मध्यक्रम के बल्लेबाज उठा सकते हैं। उसके लिए टीम में जगह बनानी ही होगी।'