राज्य खाद्य योजना के तहत बने राशन कार्डों के आधार कार्ड से लिंक कराने को आपूर्ति विभाग ने एक सूची जारी की है। इस सूची में अधिकांश कार्डों के मुखिया का आधार नंबर गायब है। ऐसे में डीलरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए आधार कार्ड गायब कर फर्जी कार्ड बनाने का आरोप लगाया है।
उत्तराखंड में आखिर कहां गायब हो गए आधार कार्ड?
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राज्य खाद्य योजना के तहत बने राशन कार्डों (एपीएल कार्ड) के साथ मुखिया सहित परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड जमा करवाए गए। हालांकि कुछ लोग परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड जमा नहीं करा सके। लेकिन मुखिया ने अपना कार्ड अनिवार्य रूप से जमा किया।
हाल ही में जिलापूर्ति कार्यालय की ओर से एक सूची जारी की गई। डीलरों ने दावा किया है कि सूची में उन लोगों के नाम भी है, जो पहले ही आधार कार्ड विभाग के कार्यालय में जमा करा चुके है। सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद ने आरोप लगाया है कि विभाग के कुछ कर्मचारियों ने चहेते डीलरों से साठगांठ कर कार्यालय से आधार कार्ड चोरी कर फर्जी राशन कार्ड बनवाए है। जिसकी जांच की जानी चाहिए।
हमारे क्षेत्र के एपीएल के लगभग सभी कार्ड धारकों ने आधार कार्ड कार्यालय में जमा किए। लेकिन जो सूची विभाग ने जारी कि उसमें मुखिया के आधार कार्ड नंबर तक गायब है। ऐसे में स्पष्ट है कि आधार कार्डों को गायब किया है। इसकी जांच होनी चाहिए।
-जितेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष उत्तराखंड सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद
इतनी बड़ी गड़बड़ी संभव नहीं है। जिसने आधार कार्ड जमा नहीं किया होगा, उसी का नाम सूची में होगा। अगर किसी को सूची में कोई गड़बड़ी की आशंका है तो वह शिकायत कर सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी।
-पीएस पांगती, जिलापूर्ति अधिकारी