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सात साल बाद फांसी की सजा: परिवार के चार लोगों पर किए थे चाकू से ताबड़तोड़ 88 वार, गर्भवती बहन पर भी नहीं आया था तरस

Tue, 05 Oct 2021 09:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 05 Oct 2021 09:29 PM IST
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Dehradun Crime News: Death Punishment to Harmeet for Murder of four family members Horrible Story
चौहरे हत्याकांड के दोषी को मौत की सजा - फोटो : अमर उजाला

देहरादून में सात साल पहले परिवार के चार लोगों की हत्या करने वाले हरमीत को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। गर्भस्थ शिशु की मौत और हत्या के प्रयास में उसे 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। दोषी पर कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इस मामले को दुर्लभ में दुर्लभतम श्रेणी का मानते हुए 140 पन्नों में फैसला लिखा है।



23 अक्तूबर 2014 को दीवाली की रात होर्डिंग कारोबारी जय सिंह, उनकी पत्नी कुलवंत कौर, बेटी हरजीत उर्फ हनी, नातिन सुखमणि की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। उनके शव मकान के अलग-अलग कमरों में पड़े हुए थे। घटना में जय सिंह का नाती कंवलजीत सिंह घायल था। घटना का पता अगले दिन सुबह करीब 10:30 बजे नौकरानी राजी के आने के बाद चला। दरवाजा अंदर से बंद था। ऐसे में जब राजी ने आवाज लगाई तो अंदर से हरमीत सिंह की आवाज आई।

सात साल बाद: परिवार के चार लोगों की हत्या करने वाले हरमीत को सजा-ए-मौत, बेरहमी से उतारा था मौत के घाट

उसने राजी से कहा कि आज तुम्हारी छुट्टी है वापस चली जाओ। इसके बाद वह पास में रहने वाले जय सिंह के भतीजे के घर गई। उन्होंने जय सिंह के मोबाइल पर फोन किया तो हरमीत ने उठाया। उन्होंने दरवाजा खोलने को कहा तो हरमीत ने दरवाजा खोला और राजी अंदर गई। अंदर जाते ही राजी खून-खून चिल्लाते हुए बाहर आ गई। इसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हुए और अजीत सिंह भी वहां पहुंच गए और पुलिस को फोन किया। पुलिस ने हरमीत को मौके से गिरफ्तार कर चाकू और खून से सनी उसकी टी-शर्ट बरामद की थी। 

Dehradun Crime News: Death Punishment to Harmeet for Murder of four family members Horrible Story
चौहरे हत्याकांड के दोषी को मौत की सजा - फोटो : अमर उजाला

शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, पुलिसकर्मी और परिजन आज भी मृतकों की हालत याद कर सिहर उठते हैं। हरमीत को इतना गुस्सा था कि उसने एक दो नहीं बल्कि चारों के शरीर पर 88 वार किए थे। इनमें सबसे ज्यादा वार अपने पिता के शरीर पर किए थे। उसने जय सिंह को 29 बार गोदा था। सौतेली मां कुलवंत कौर के शरीर पर 27 वार किए थे। सबसे बुरा हाल उसने बहन हरजीत का किया था। हरजीत की अगले दिन डिलीवरी होने वाली थी।

Dehradun Crime News: Death Punishment to Harmeet for Murder of four family members Horrible Story
हरमीत - फोटो : अमर उजाला

वह दीवाली के दिन ही डॉक्टर से परामर्श कर लौटी थी। हरमीत ने उसके शरीर पर इतने गहरे 20 वार किए कि उसका पेट पूरी तरह फट गया था। उसका गर्भाशय पुरी तरह क्षत-विक्षत कर डाला था। तीन साल की सुखमणि पर भी उसने रहम नहीं किया और उसे 11 बार गोद कर मार डाला। कंवलजीत के शरीर पर भी उसने दो वार किए थे।

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Dehradun Crime News: Death Punishment to Harmeet for Murder of four family members Horrible Story
चौहरे हत्याकांड के दोषी को मौत की सजा - फोटो : अमर उजाला

हरमीत ने सजा से बचने के लिए तमाम प्रयास किए थे। वह अजीब-अजीब बातें कर खुद को पागल साबित करने की कोशिश करता रहा था। हर सुनवाई पर उसे लाया जाता था वह अनाप-शनाप कठघरे से ही बोलता था। मंगलवार को जब उसे कोर्ट लाया गया तो वह चुपचाप था। कोर्ट के बाहर उसकी तलाशी ली गई। इसके बाद जूते निकलवाए गए। कठघरे में वह सजा सुनाए जाने के वक्त वह चुपचाप खड़ा रहा।

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इसी घर में हुई थी चार हत्याएं - फोटो : अमर उजाला

फैसले के वक्त वादी अजीत सिंह और अन्य परिजन कोर्ट परिसर में मौजूद थे। न्यायालय ने तकरीब चार बजे फैसला सुनाया। फैसला आने पर अजीत सिंह ने हाथ जोड़कर भगवान का शुक्रिया अदा किया और परिजनों को याद कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि मृतक आत्माओं को अब शांति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब तक हरमीत फांसी पर नहीं लटक जाता है तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। 

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