कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत और रामगढ़ताल पुलिस की बर्बरता का सच गोरखपुर के चंदन सैनी, राणा चन्द और धनंजय त्रिपाठी ने सोमवार को स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को बताया। तीनों ने एक सुर में कहा कि रामगढ़ताल पुलिस ने जो किया, वह गलत था। हमसे आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया गया। पुलिस की पिटाई से ही मनीष की मौत हुई ।
Manish Gupta Murder Case: मनीष के दोस्त बोले, होटल में बहुत हिंसक था पुलिस का व्यवहार, एसआईटी ने सुनी एक-एक मिनट की कहानी
गोरखपुर के तीनों दोस्तों को एक जगह बैठाकर एसआईटी ने बयान दर्ज किए
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जानकारी के मुताबिक, मनीष अपने दोस्तों प्रदीप कुमार व हरवीर सिंह के साथ 27 सितंबर को गोरखपुर घूमने व यहीं के चंदन सैनी, राणा चन्द व धनंजय त्रिपाठी से मिलने आए थे। इसी का नतीजा रहा कि एसआईटी ने गोरखपुर के तीनों दोस्तों को एक साथ बैठाकर बयान दर्ज किया है। एसआईटी ने चंदन सैनी से पूछा कि होटल में विवाद की जानकारी आपको कैसे मिली? इसपर चंदन का जवाब था, दरोगा अक्षय मिश्रा से मिली थी। दरोगा अक्षय मिश्रा ने रात 12:13 बजे मुझे फोन किया था। दरोगा ने पूछा था कि आप कौन बोल रहे हैं? मैंने, अपना नाम बताया, फिर दरोगा ने कहा गोरखपुर किससे मिलने आए थे? मैंने जवाब दिया, प्रदीप चौहान से। इसके बाद मैंने कुछ और जानना चाहा, लेकिन दरोगा ने कहा चलो सब ठीक है। दरोगा का फोन कटा नहीं था, दूसरी ओर से कुछ अजीब-अजीब आवाजें आ रहीं थीं।
चंदन ने कहा कि मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है। रात 12:17 बजे मैंने दोबारा दरोगा को फोन किया। फोन उठा और दूसरी तरफ से आवाज आई सब ठीक है जाओ। अनहोनी की आशंका पर ही होटल में ठहरे दोस्त प्रदीप को फोन लगाया, लेकिन उठा नहीं। साथी धनंजय त्रिपाठी ने भी प्रदीप को फोन किया, मगर जवाब नहीं मिला। इसी का नतीजा रहा कि जैतपुर पिपरौली से लौटकर दोबारा होटल कृष्णा पैलेस आ गए। होटल कर्मचारी से पूछा कि दोस्त कहां गए? इसपर कर्मचारियों ने बताया कि रामगढ़ताल पुलिस ले गई है। इसके बाद पुलिस की मारपीट व मनीष गुप्ता की मौत की जानकारी मिल सकी थी।
चंदन ने दी पूरी जानकारी
होटल कृष्णा पैलेस में मनीष, हरवीर और प्रदीप को ठहराने वाले चंदन सैनी ने एसआईटी को पूरी जानकारी दी है। बताया है कि तीनों दोस्त गुुरुग्राम से गोरखपुर घूमने आए थे। रामगढ़ताल स्थित नौका विहार गए थे। 27 सितंबर की शाम को सारे दोस्त मिलकर खाना खाने अदालत रेस्टोरेंट मोहद्दीपुर गए। खाकर लौटे और गुरुग्राम से आए दोस्तों को होटल में छोड़कर अपने-अपने घरों को रवाना हो गए। अगले दिन गोरखपुर के प्रमुख मंदिर व कुछ स्थलों को देखना था, लेकिन रात में यह घटना घट गई।
छह और लोगों के बयान दर्ज
एसआईटी ने पुलिस, होटल व अस्पताल से जुड़े छह और लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इस हिसाब से सोमवार को सर्किट हाउस में नौ लोगों के बयान दर्ज किए गए। मनीष के तीन दोस्तों के बयान भी दर्ज किए गए थे। मंगलवार को भी कुछ लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
आरोपियों की तलाश में टीमें
इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्र और विजय यादव की तलाश में लगी गोरखपुर और कानपुर की टीमें सर्विलांस तथा अन्य माध्यमों से जानकारी जुटा रही हैं। अभी तक पुलिस के हाथ जेएन सिंह और अन्य के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है।