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शहीद की अंत्येष्टि में फूट-फूटकर रोया पूरा गांव, श्रद्धांजलि देने पहुंचीं डीएम हुईं बेहोश, तस्वीरें

Mon, 03 Dec 2018 08:08 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गोपेश्वर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Mon, 03 Dec 2018 08:08 PM IST
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DM Swati Bhadauria Unconscious During Martyr Surjit Funeral in gopeshwar
martyr - फोटो : अमर उजाला

अभ्यास के दौरान हुए विस्फोट में शहीद हुए स्यूंण गांव के सुरजीत सिंह राणा का सोमवार को पैतृक घाट दूधगंगा के तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अंतिम यात्रा में शामिल हुई चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया पैदल रास्ते में ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। स्यूंण गांव से पैतृक घाट की दूरी अधिक होने के कारण शहीद के अंतिम संस्कार के बाद जब डीएम लौट रही थीं, तो पैदल रास्ते की चढ़ाई में अचानक तबियत बिगड़ने से वह बेहोश होकर गिर पड़ी। 

DM Swati Bhadauria Unconscious During Martyr Surjit Funeral in gopeshwar
martyr

स्यूंण गांव के ग्राम प्रधान जगदीश नेगी के द्वारा पानी की व्यवस्था की गई। पानी पीने के बाद डीएम ने करीब आधा घंटे तक रास्ते में ही आराम किया। इसके बाद फिर वह पैदल चलकर अपने वाहन तक पहुंची। स्यूंण गांव से पैतृक घाट की पैदल दूरी करीब तीन किमी थी। शहीद के शोक में पीपलकोटी बाजार बंद रहा। शहीद के बड़े भाई महावीर राणा और भतीजे अजय राणा ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।  

DM Swati Bhadauria Unconscious During Martyr Surjit Funeral in gopeshwar
martyr

बीते शनिवार को जम्मू की अखनूर तहसील के पालावाला सेक्टर में अभ्यास के दौरान हुए धमाके में दस गढ़वाल राइफल के जवान स्यूंण गांव निवासी सुरजीत सिंह (30) शहीद हो गए थे। रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट देहरादून लाया गया। देर रात तक सेना के वाहन से पार्थिव शरीर को श्रीनगर तक लाया गया। सोमवार को सुबह करीब दस बजे शहीद का पार्थिव शरीर स्यूंण गांव पहुंचाया गया। 

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DM Swati Bhadauria Unconscious During Martyr Surjit Funeral in gopeshwar
martyr

जैसे ही शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लाया गया, परिजन ताबूत पर लिपटकर रोने-बिलखने लगे। ताबूत में बंद शहीद के शव को देख गांव के बुजुर्ग, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की आंखें नम हो गई। शहीद के घर में मां के साथ ही बड़ा भाई महावीर राणा व उसका परिवार रहता है। शहीद सुरजीत की पत्नी की एक वर्ष पूर्व मौत हो गई है और उनकी कोई संतान नहीं है। सुरजीत के सिर से पिता का साया बचपन में ही छिन गया था। 

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DM Swati Bhadauria Unconscious During Martyr Surjit Funeral in gopeshwar
martyr

करीब एक घंटे तक घर में रखने के बाद पार्थिव शरीर को करीब तीन किमी दूर पैदल पैतृक घाट दूधगंगा के तट पर लाया गया। ब्रिगेडियर कर्नल अनिल कुमार पुंडीर, कर्नल हिमांशु मिश्रा, चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, एसडीएम परमानंद राम, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, ग्राम प्रधान जगदीश नेगी, रविंद्र नेगी सहित सैन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने शहीद सुरजीत की शहादत को नमन कर शहीद के परिजनों को हर संभव मदद देने की बात कही।  

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