नगर के मध्य में स्थित लंदन फोर्ट अगले 10 दिन के भीतर आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने तैयारी कर ली है। किले में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाएगा।
भारत में यहां मौजूद है लंदन फोर्ट, पांच तस्वीरों में देखिए इसकी खासियत
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वर्ष 1793 में गोरखों ने पिथौरागढ़ में किला बनाया। बाद में अंग्रेजी राज में इसे लंदन फोर्ट का नाम दिया गया। कुछ समय पहले तक इसमें तहसील संचालित थी। सरकार ने इस किले का करोड़ों की लागत से सौंदर्यीकरण कर इसके संचालन का जिम्मा केएमवीएन को सौंपा है।
फोर्ट में म्यूजियम के लिए 13 कमरे, हस्तशिल्प के लिए आठ कमरे और एक हॉल रेस्टोरेंट के लिए बनाया गया है। विगत दिनों केएमवीएन ने इसका हस्तांतरण भी कर लिया है। तब से फोर्ट में ताला लगा है। बुधवार को फोर्ट को संचालित करने के लिए केएमवीएन मुख्यालय नैनीताल में बैठक हुई। निगम के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि फोर्ट को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में काफी उत्सुकता है।
उन्होंने बताया कि अगले 10 दिन के अंदर इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। फोर्ट में पर्यटकों के लिए स्थानीय क्राफ्ट और पहाड़ी उत्पाद रखे जाएंगे। सफाई के लिए कर्मी की तैनाती की जाएगी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि करोड़ों की लागत से बने फोर्ट को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
ऐतिहासिक लंदन फोर्ट के मुख्य दरवाजे में फिलहाल ताला लगा है। अभी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से अराजकतत्व इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। अराजक तत्वों ने एक विद्युत पोल को क्षतिग्रस्त कर दो बल्ब फोड़ दिए हैं। टीआरसी के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।