देश से कालाधन और भ्रष्टाचार पर चोट करने के लिए नोटबंदी का आइडिया योग गुरु रामदेव ने सुझाया था। खुद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को हरिद्वार में इसका खुलासा किया।
PM मोदी का नहीं, बाबा रामदेव का था नोटबंदी का आइडिया
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जेटली ने यह भी कहा कि एक जुलाई से लागू होने जा रहा एकीकृत टैक्स और प्लॉस्टिक मनी का फॉर्मूला भी उन्हें बाबा ने दिया था। इस दौरान जेटली ने स्वामी रामदेव को अर्थशास्त्र का ज्ञाता भी बताया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते आठ नवंबर को यकायक एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद करने का ऐलान कर सबको चौंका दिया। इस फैसले से अर्थ जगत में भूचाल आ गया। करीब दो महीने तक लोग बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में खड़े रहे।
बहरहाल, रविवार को हरिद्वार के औरंगाबाद में बाबा रामदेव के योग ग्राम पहुंचे केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के फैसले को लेकर बड़ा खुलासा किया। जेटली ने चुटकी लेते हुए कि एक समय बाबा रामदेव को अर्थशास्त्र का शौक पैदा हो गया था। उन्होंने बताया कि पांच साल पहले जब वे विपक्ष में थे, तब बाबा रामदेव ने उन्हें टीवी पत्रकार रजत शर्मा के घर मिलने बुलाया और आर्थिक मसलों पर काफी देर तक बातचीत की।
इसके बाद तय हुआ कि दोनों आर्थिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बहस करेंगे। तब दिल्ली के एक ऑडिटोरियम में करीब एक हजार चार्टेड एकाउंटेंट को बुलाया गया। वित्त मंत्री ने बताया कि चार्टेड एकाउंटेंट बारी बारी से सवाल करते रहे और बाबा रामदेव और वे उनके सवालों का जवाब देते रहे। इस कार्यक्रम के मूल में बाबा रामदेव की तरफ से तीन ऐसी बाते निकलकर सामने आई, जिन पर कभी गौर नहीं किया गया था। पहली एक हजार और पांच सौ रुपये के बड़े नोट बंद करना।