रोमांच और साहस से भरपूर यहां स्कूबा डाइविंग शुरू हुई तो लोगों ने पानी के अंदर जो देखा हैरान रह गए।
देश के सबसे ऊंचे बांध की झील में शुरू हुई स्कूबा डाइविंग, पानी के अंदर ऐसा देख हैरानी में पड़े लोग
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टिहरी बांध एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा बांध हैं। टिहरी झील महोत्सव के दूसरे दिन पर्यटकों ने रोमांच और साहस से भरपूर साहसिक खेलों का जमकर लुत्फ उठाया। विभिन्न स्थानों से पहुंचे साहसिक खेलों के शौकीनों ने पैराग्लाइडिंग, पैरा सीलिंग, वॉटर जॉर्बिंग, वाटर रोलर, स्कूबा डाइविंग समेत कई खेलों में हाथ अजमाए।
टिहरी झील महोत्सव के दूसरे दिन दिल्ली, राजस्थान, नोएडा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू समेत उत्तराखंड से आए लोगों ने साहसिक खेलों का लुत्फ उठाया। जिला साहसिक खेल अधिकारी एसएस राणा, सुशील नौटियाल, जसपाल चौहान के नेतृत्व में कोटी-चंबा मोटर मार्ग पर जसपुर के पास कई लोगों ने रॉक क्लाइबिंग के तहत रैपलिंग और जुमरींग का मजा लिया।
जुमरींग में जहां खिलाड़ी को रस्सी और अन्य उपकरणों के सहारे पर्वत पर चढ़ना होता है, वहीं रैपलिंग में चट्टान से जमीन की ओर उतरते हैं। करीब 20 लोगों ने 70 फीट के ऊंचाई पर जुमरींग और रैपलिंग की। धनोल्टी से आए जितेंद्र, दिल्ली के मिंताश, यूपी के अनिरुद्ध, महेश, टिहरी की मोनिका, संदीप रावत आदि ने खेल में हाथ अजमाए, जबकि हॉट एअर बैलून, पैरा ग्लाइडिंग, पैरा सीलिंग, वॉटर जॉर्बिंग, वाटर रोलर, क्याकिंग, कैनोईंग, रॉफ्टिंग, स्कूबा डाइविंग, बोटिंग, बनाना राइडिंग, एटीवी जैसी क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने साहस और रोमांच का प्रदर्शन किया।
एवरेस्ट विजेता टिहरी निवासी अरविंद रतूड़ी ने बताया कि गोवा से आए चार लोगों के दल गोताखोरी कर 20 मीटर पानी के नीचे स्कूबा डाइविंग के सहारे जलमग्न हुए शहर के दीदार किए। वे झील के अंदर पूरा शहर देखकर हैरान रह गए। वहीं ऋषिकेश के प्रवीन रावत और रमेश पैन्यूली ने वॉटर रोलर से झील के चक्कर लगाए।