सड़क की मांग को लेकर उत्तराखंड के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन का घेराव करने जा रहे घाट क्षेत्र के लोगों सहित कांग्रेसी और यूकेडी कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्कामुक्की हो गई। इस दौरान मौजूद करीब चार हजार से अधिक लोग इकट्ठा हो गए और दिवालीखाल में जबरन बैरियर हटाकर आगे जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ीं, जिसमें कई आंदोलनकारी चोटिल हो गए। इससे आक्रोशित आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। यह देख पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर मेहलचौंरी अस्थायी जेल भेज दिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। वहीं, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उधर, डीजीपी अशोक कुमार ने भी घटना की निंदा की है।
उत्तराखंड बजट सत्र: 4000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने फटकारी लाठियां, गुस्साए लोगों ने किया पथराव, तस्वीरें...
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एक साथ करीब 4550 आंदोलनकारियों को देख पुलिस ने बैरियर पर सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा दिया। आंदोलनकारी लगातार बैरियर पार करने की कोशिश करते हुए और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। तभी पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं। इससे आक्रोशित आंदोलनकारियों ने भी पथराव करना शुरू कर दिया। घटना में करीब 18 से अधिक आंदोलनकारी चोटिल हो गए।
इसके बाद कई आंदोलनकारियों को मेहलचौंरी में अस्थायी जेल भेज दिया गया। प्रदर्शनकारियों में लक्ष्मण सिंह, बीरेंद्र रावत, पुष्कर रावत, मुकेश नेगी, ईश्वरी मैखुरी, हरिकृष्ण भट्ट, संदीप चमोली, विजय पंवार, सुरेश बिष्ट, सुरेंद्र सिंह, संजय, कुलदीप, मोहन, यूकेडी के मोहन काला, वसिक्रम सिंह, हरीश कोठारी, खीम कंडारी, नंदीराम, राकेश जोशी, भगीरथ, पान सिंह, नारायण सिंह, जेपी काला, जगदीश रावत, कामरेड इंद्रेश मैखुरी आदि शामिल थे।
थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। गिरफ्तार किए गए आंदोलनकारियों को छोड़ दिया गया है। दिवालीखाल में बैरियर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिवालीखाल से आगे कोई भी आंदोलनकारी भराड़ीसैंण के लिए नहीं जा सका। वहीं, दिवालीखाल में सैकड़ों लोगों के पहुंचने से यहां जाम लगा रहा। पूरे दिन आंदोलनकारियों की भीड़ के कारण कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर दो किमी तक वाहनों का जाम लगा रहा। यहां वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। सोमवार रात तक आंदोलनकारियों और अन्य मुसाफिरों के 150 से अधिक वाहन जाम के फंसे रहे। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को दोपहर 12 बजे से घाट क्षेत्र के लोगों का हुजूम जब आदिबदरी से आगे पहुंचा तो पूरी घाटी नारों से गूंज उठी। नंदप्रयाग-घाट सड़क को डबल लेन करने की मांग के लिए करीब तीन महीने से आंदोलन कर रहे घाट क्षेत्र के आंदोलनकारियों के वाहनों से जाम लग गया। इससे दिवालीखाल में गैरसैंण की तरफ दुगथमासैंण और सिमली की तरफ मालसी तक सैकड़ों वाहन दो किलोमीटर तक जाम में फंस गए। पुलिस की ओर से जाम खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन रात तक भी वाहनों का जाम लगा रहा। समाचार लिखे जाने तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने कहा कि पुलिस के जवानों की ओर से जाम खोलने का प्रयास किया जा रहा है।