उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में बुरी हार के बाद हरीश रावत ने राज्यपाल केके पॉल को इस्तीफा सौंप दिया।
...तो क्या 'वनमैन आर्मी' बनने पर मिली उत्तराखंड सीएम को करारी हार
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हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी यतीश्वरानंद ने उत्तराखंड के सीएम और कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत को 12 हजार वोट से हरा दिया। पूरे चुनाव में सीएम हरीश रावत 'वन मैन आर्मी' की भूमिका में नजर आए।
विधानसभा चुनाव में जब टिकट वितरण की बात आई तो सीएम हरीश रावत ने हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। इसके पीछे हरीश रावत का मकसद गढ़वाल और कुमाऊं में बराबर ध्यान देना था।
हरिद्वार लोक सभा सीट से सीएम रावत सांसद भी रह चुके हैं। साथ ही, इस विधानसभा सीट का काफी क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य है। इस देखते हुए सीएम रावत ने हरिद्वार ग्रामीण सीट को अपने लिए काफी मुफीद माना था।
इसके अलावा सीएम की बेटी भी काफी समय से इस सीट पर चुनाव की तैयारी कर रही थीं। जबकि कुमाऊं में भी सीएम पार्टी की स्थिति को मजबूत कर सकें, इसलिए उन्होंने किच्छा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था।