उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्रवाई में जिन लोगों के घर और दुकान पूरी तरह से हटाए जाएंगे, उनका चिन्हीकरण करके सरकार उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3.50 लाख रुपये में आवास देगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकार की गारंटी पर लोन भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान केवल मुख्य मार्गों पर चलेगा। गली मोहल्लों और कालोनियों को इससे मुक्त रखा जाएगा।
खुशखबर : यहां नहीं चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान, बेघर हुए लोगों को घर देगी सरकार
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कौशिक ने कहा कि रुद्रपुर में नजूल भूमि के मामले को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। वे कार्यस्थगन प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। लेकिन उनके जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वेल में आकर नारेबाजी की, जिस पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सरकार को निर्देश दिए कि वो न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए गरीब और आमजन को राहत देने के लिए मामले पर विचार करें। इससे पूर्व सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने इस मसले को नियम 310 में उठाना चाहा, लेकिन विस अध्यक्ष ने भोजनावकाश के बाद इसे नियम 58 में सुना।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल और करण माहरा ने सरकार पर आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर दशकों से बसे लोगों के घरों उजाड़ा जा रहा है। का सरकार का रवैया तानाशाहों सरीखा है। प्रेमनगर में रिफ्यूजी परिवार सड़क पर आ गए। हरिद्वार टूट रहा है। नैनीताल में भोटिया और चाट मार्केट को उजाड़ दिया है। रुद्रपुर में नजूल भूमि पर बसे लोगों को हटाने के निशान लगाए जा रहे हैं। उन्हें नोटिस दे दिए गए हैं। सितारगंज में एक गांव को उजाड़ने के आदेश हो चुके हैं। भूमिधरी की जमीन पर बने आवास तक तोड़ दिए गए। सरकार मलिन बस्तियों की तर्ज पर शहरों का भी संरक्षण करे। उनके लिए भी अध्यादेश लाए। सरकार कमेटी बनाए और कोई कानूनी रास्ता तलाश करे।