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शरीर से निकले आधा किलो पत्थर: स्पाइन का इलाज कराने गए राहुल के मूत्राशय से निकलीं 16 पथरियां, डॉक्टरों ने ऐसे किया इलाज

Fri, 24 Jun 2022 07:37 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 24 Jun 2022 07:37 PM IST
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16 stones came out of rahul bladder doctors removed by operation
मूत्राशय से निकाले गए पत्थर - फोटो : अमर उजाला

इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर (आईएसइसी) के डॉक्टरों ने लकवाग्रस्त व्यक्ति के मूत्राशय से 500 ग्राम वजन के 16 पत्थरों को निकाला है। मरीज आईएसआईसी में पुनर्वास के लिए आया था। इस दौरान जांच में मरीज में मूत्र संबंधी समस्याओं का पता चला। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज अब पूरी तरह से ठीक है। 


 

16 stones came out of rahul bladder doctors removed by operation
मूत्राशय से निकाले गए पत्थर - फोटो : अमर उजाला

मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना का रहने वाले दीपक दो साल पहले घर में ऊंचाई से गिरने से रीढ़ की हड्डी में चोट के शिकार हो गए थे। उनका आईएसआईसी में इलाज चल रहा था, जहां पर उन्हें इलाज और पुनर्वास के उद्देश्य से डॉ. एच.एस. छाबड़ा को रेफर किया गया था। आईएसआईसी के डॉ. प्रशांत जैन ने कहा कि लकवाग्रस्त सभी मरीजों में लोअर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होते हैं, इससे मूत्राशय और आंत्र प्रभावित होती है। पीड़ित का मूत्राशय भी ठीक से काम नहीं कर रहा था  इसलिए उनमें कैथेटर लगाना पड़ा। इसे सेकेंडरी न्यूरोजेनिक ब्लैडर कहा जाता है। जब मरीज की जांच की तो उनके मूत्राशय में कई पत्थर थे, जो धीरे-धीरे बढ़ रहे थे। एक्स-रे के बाद हमने अन्य जांचों के साथ एक सीटी स्कैन भी करवाया। सीटी स्कैन में मूत्राशय में कम से कम 16 पत्थरों के होने का पता चला।

16 stones came out of rahul bladder doctors removed by operation
मूत्राशय से निकाले गए पत्थर - फोटो : अमर उजाला

डॉ. जैन ने कहा कि सौभाग्य से मरीज के किडनी में कोई पथरी नहीं थी। उनकी किडनी अच्छे से काम कर रही थी। डॉक्टर ने बताया कि मूत्राशय से पथरी निकालने के दो तरीके होते हैं। मूत्राशय की क्षमता कमजोर थी। साथ ही इस केस में मूत्राशय में संक्रमण और पथरी भी हो गई। इसलिए हमने मरीज की काउंसलिंग की और फिर ओपन सिस्टोलिथोटॉमी प्रक्रिया द्वारा पथरी को एक बार में हटाने का फैसला किया। 

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16 stones came out of rahul bladder doctors removed by operation
मूत्राशय से निकाले गए पत्थर - फोटो : अमर उजाला

ऑपरेशन सामान्य एनेस्थेसिया के द्वारा ऑपरेशन थिएटर में किया गया था। सर्जरी के बाद मरीज ने बहुत अच्छे से प्रतिक्रिया दी। हमने मूत्राशय में एक छोटे से छेद के माध्यम से पत्थरों को निकाला। यह छेद सुप्राप्यूबिक एरिया में बनाया गया था। सभी पत्थरों को एक बार में हटा दिया गया और फिर मूत्राशय और घाव का इलाज कर दिया है। मरीज अब पूरी तरह से ठीक है।

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16 stones came out of rahul bladder doctors removed by operation
मूत्राशय से निकाले गए पत्थर - फोटो : अमर उजाला

डॉ. प्रशांत जैन के अनुसार, न्यूरोजेनिक ब्लैडर कम क्षमता के ब्लैडर (मूत्राशय) इन्फेक्शन वाले होते हैं और इनमे पत्थर होने का खतरा ज्यादा होता है। ज्यादातर लकवाग्रस्त मरीजों में यह समस्या होना आम बात होती है, क्योंकि इस अवस्था में उनका मूत्राशय ढंग से काम नहीं कर रहा होता है। मूत्राशय शरीर में एक स्टोरेज यूनिट की तरह काम करता है और यह शरीर से यूरीन को भी बाहर निकालने का काम करता है।

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