{"_id":"6a6731ac97acdfab9607779c","slug":"jantar-mantar-protest-when-will-fir-withdrawn-no-government-order-issued-yet-what-legal-process-entails-2026-07-27","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Jantar Mantar Protest: कब होंगे केस वापस, अब तक नहीं आया सरकारी आदेश; जानिए क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jantar Mantar Protest: कब होंगे केस वापस, अब तक नहीं आया सरकारी आदेश; जानिए क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विकास कुमार
Updated Mon, 27 Jul 2026 03:53 PM IST
सार
इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम बात यह है कि जिन मामलों में पत्रकारों ने खुद पर हुए हमलों और मारपीट की शिकायतें दर्ज कराई हैं, उन पर केस वापसी का नियम लागू नहीं होगा। पत्रकारों द्वारा दर्ज कराए गए ये मामले वापस नहीं लिए जाएंगे।
विज्ञापन
1 of 5
जंतर मंतर प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और हिंसा से जुड़े मुकदमों को वापस लेने की अटकलों के बीच, यह स्पष्ट हुआ है कि फिलहाल सरकार की तरफ से केस वापसी को लेकर कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है। आदेश जारी होने के बाद ही कानूनी प्रक्रिया के तहत मामलों को वापस लेने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
2 of 5
Cjp Protest in Delhi
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
20 मामले हैं दर्ज
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, हिंसा और इससे जुड़ी अन्य घटनाओं में कुल 20 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों का विवरण इस प्रकार है-
14 केस: सीधे तौर पर प्रदर्शन और हिंसा से जुड़े हुए हैं।
एक केस: क्षेत्र में बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने को लेकर दर्ज है।
अन्य केस: पत्रकारों द्वारा कवरेज के दौरान खुद के साथ हुई मारपीट और हमलों को लेकर दर्ज कराए गए हैं।
3 of 5
Cjp Protest in Delhi
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
केस वापसी की क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?
सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद केस वापसी की एक तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। सरकारी आदेश प्राप्त होने के बाद, अभियोजन पक्ष (यानी दिल्ली पुलिस) की तरफ से दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) को एक आधिकारिक पत्र लिखा जाएगा। इस पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा जाएगा कि पुलिस/अभियोजन इन मामलों में आगे कोई कार्रवाई (प्रॉसिक्यूशन) नहीं करना चाहती है। पत्र भेजने के बाद उपराज्यपाल की मंजूरी (अप्रूवल) का इंतजार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
CJP Protest
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अदालत को सूचना
एलजी की मंजूरी मिलने के बाद, दिल्ली पुलिस संबंधित अदालत (कोर्ट) को आधिकारिक तौर पर सूचित करेगी कि वह इन मुकदमों में आगे मुकदमा नहीं चलाना चाहती है। पुलिस के इस आवेदन के बाद, केस को पूरी तरह से रद्द या वापस करने का अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर ही निर्भर करेगा।
विज्ञापन
5 of 5
सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते सुरक्षा कर्मी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
पत्रकारों पर हमले के मामले नहीं होंगे वापस
इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम बात यह है कि जिन मामलों में पत्रकारों ने खुद पर हुए हमलों और मारपीट की शिकायतें दर्ज कराई हैं, उन पर केस वापसी का नियम लागू नहीं होगा। पत्रकारों द्वारा दर्ज कराए गए ये मामले वापस नहीं लिए जाएंगे और इन पर कानूनी प्रक्रिया अपने तय तरीके से आगे बढ़ेगी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।