दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जाफराबाद के दोहरे हत्याकांड में वांछित दो बदमाशों असद अमीन (22) और मोहम्मद दानिश (34) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। दोनों की हाशिम बाबा गैंग के सदस्य हैं। पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने दोनों भाइयों की 50 से ज्यादा गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद बरामद किए गए हैं।
फजील को 20 तो नदीम को मारी थी 17 गोली: पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो हमलावरों को पकड़ा, की थी 50 राउंड फायरिंग
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के अनुसार उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को 16 दिसंबर, 2025 को अंजाम दिया गया था। इसमें नदीम और उसके भाई फजील की 50 से ज्यादा गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
दोनों भाई पर चलाई गई थीं 50 राउंड गोलियां
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के अनुसार उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को 16 दिसंबर, 2025 को अंजाम दिया गया था। इसमें नदीम और उसके भाई फजील की 50 से ज्यादा गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें फजील को 20 और नदीम को 17 गोलियां लगी थीं। हमलावर पीड़ितों के आने से लगभग आधे घंटे पहले घात लगाकर बैठे थे और जैसे ही दोनों भाई आए, उन्होंने गोलियां चला दीं। फोरेंसिक जांच में पता चला कि घटना के दौरान लगभग 50 राउंड गोलियां चलाई थीं। नदीम और उसके भाई फाजिल की मौके पर ही मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में घटना में हाशिम बाबा गैंग के सदस्यों की संलिप्तता सामने आई। आरोपी घटना के बाद से फरार थे।
इसलिए की गई हत्या
यह हत्याकांड अवैध हथियारों की डीलिंग से जुड़ी बदले की कार्रवाई लग रही है। अगस्त में एक जाने-माने हथियार डीलर सलीम पिस्टल को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान सलीम ने अवैध हथियारों की डीलिंग के सिलसिले में मृतक नदीम का नाम बताया। इसके बाद नदीम ने पुलिस को दानिश का नाम बताया। तब से आरोपी दानिश फरार था और कथित तौर पर नदीम द्वारा उसका नाम बताए जाने का बदला लेने की योजना रच रहा था। दानिश ने दोनों भाइयों नदीम और फजील को चौहान बांगर, जाफराबाद की एक गली में 16 दिसंबर, 2025 को ढूंढ लिया था और दोनों की बेरहमी से हत्या करके अपनी योजना को अंजाम दिया।
दिव्यांग था नदीम, शौच तक नहीं कर पाता था खुद से
करीब 5 साल पहले पहली मंजिल से गिरने के बाद नदीम दिव्यांग हो गया था और उसके शरीर के 85 फीसदी हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। यहां तक कि वह शौचालय भी नहीं जा पाता था। फजील बड़े भाई की देखभाल करता था।
ऐसे किया गया गिरफ्तार
इंस्पेक्टर सुनील कुंडू व एसआई गुंजन टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। आरोपी की हर हरकत और गतिविधि पर नजर रखी गई, जिससे उनके छिपने की जगहों का पता लगाने और रियल टाइम में उनकी लोकेशन ट्रैक करने में मदद मिली। हवलदार प्रिंस और हवलदार मोहित को दिल्ली के गाजीपुर पेपर मार्केट इलाके में वांटेड आरोपी के आने-जाने के बारे में 8 जनवरी को जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी की और उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा गया। आरोपियों ने सरेंडर करने की बजाय पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में दोनों आरोपी घायल हो गए। हवलदार प्रिंस और हवलदार मोहित को भी गोली लगी। हालांकि, उनकी बैलिस्टिक प्रोटेक्शन जैकेट की वजह से उन्हें गंभीर चोट नहीं लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी गोलियां चलाईं और दो बदमाशों असद अमीन (22) और मोहम्मद दानिश (34) को गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी आपराधिक मामले में शामिल रहे हैं
गांव चौहान बांगर, जाफराबाद निवासी असद अमीन 10वीं क्लास तक पढ़ा हुआ है। वह गिरोह का मुख्य शूटर है। वह पहले भी लगभग पांच आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। जाफराबाद, दिल्ली निवासी मोहम्मद दानिश ने एलएलबी की हुई है। वह हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता था। वह पहले दो आपराधिक मामलों में शामिल है। इनसे .30 बोर की एक पिस्टल (7.62 एमएम), .32 बोर एक आधुनिक पिस्टल, (7.65 एमएम), 9 एमएम की एक आधुनिक पिस्टल, 7.62 एमएम के 5 कारतूस, 7.65 एमएम के 6 कारतूस, 6 खोल और एक स्कूटी सुजुकी एक्सेस स्कूटी बरामद की गई है।