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जाकिर नगर अग्निकांड: 'अफसोस है कि मैं बच्चों को नहीं बचा पाया'...

Wed, 07 Aug 2019 05:44 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 07 Aug 2019 05:44 AM IST
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zakir nagar fire fire officer Mohan Lal I could not save the child
दिल्ली में इमारत में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के जामिया नगर स्थित जाकिर नगर में सोमवार रात करीब 2 बजे चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। हादसे में तीन मासूमों समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि चार दमकलकर्मियों सहित 15 से अधिक घायल हैं। इनमें से कई गंभीर है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इमारत की पार्किंग से लगी आग की लपटें और धुंआ ऊपर जाने लगा तो कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इससे तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की मौत दम घुटने से हुई है। 

 
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आग में जली कारें - फोटो : अमर उजाला
तड़के साढ़े चार बजे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 50 लोगों को बिल्डिंग से सुरक्षित निकाल लिया गया। हादसे में पार्किंग में खड़ी सात कारें और 19 बाइकें भी जलकर खाक हो गई। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया। इसके साथ ही हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच के बाद शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लापरवाही की मामला दर्ज किया है। 
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पीड़ितों का हाल जानते हुए एलजी - फोटो : अमर उजाला
फायरकर्मी मोहनलाल ने अफसोस जताया कि वह इमारत से बहोशी की हालत में मिले बच्चों को नहीं बचा पाया। दोनों बच्चों आमना और जिकरा को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। मोहनलाल भी उन फायरकर्मियों में शामिल है, जो इस हादसे में घायल हो गए हैं। उसने कहा कि मैंने इससे पहले कभी किसी रेस्क्यू ऑपरेशन में इतनी मेहनत नहीं की। 
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एक क्षण तो ऐसा आया जब लग कि हम भी मर जाएंगे, लेकिन धैर्य रखते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया और लोगों को बचा लिया, लेकिन बच्चों को नहीं बचा पाने  का मलाल रहेगा। दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक विपिन केंटल ने बताया कि घटनास्थल ऐसी जगह पर था कि वहां पहुंचना बड़ा मुश्किल था। इमारत जिस इलाके में है, वहां गलियां इतनी संकरी हैं कि एक वाहन भी मुश्किल से निकल पाता है। इसके बावजूद फायरकर्मियों ने अपनी मेहनत से किसी तरह काबू कर लोगों को बचाया। 
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पड़ोसियों ने कई लोगों को बचाया

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इसी इमारत में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
आग फैलती देखकर ऊपर की मंजिलों में फंसे लोग बचाने की गुहार लगाने लगे। पड़ोसी निजाम ने सीढ़ी लगाकर पहली मंजिल पर रहने वाले कुछ लोगों को नीचे उतारा। कुछ लोग इमारत के पीछे सीढ़ी के अलावा रस्सी और चादर लटकाकर उतर गए। सामने की ओर दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल के लोग बिल्डिंग में ही फंस गए। ऐसे में पड़ोसी निशात खान और उसके परिवार के लोग व दमकलकर्मियों को साथ लेकर अपने मकान की दूसरी मंजिल पर चढ़ा और आग वाली इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल की दीवार में सुराग कर करीब 20 लोगों को वहां से निकाला। बाकी लोग पीछे के रास्ते उतर गए। ऐसे  में स्थानीय लोगों, पुलिस व दमकल कर्मियों ने 50 लोगों को बचाया। 
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