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जानिए उड़ता पंजाब की किन-किन बातों पर है सेंसर बोर्ड को एतराज

Thu, 09 Jun 2016 02:16 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 09 Jun 2016 02:16 PM IST
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All the stuff that producers want in Udta Punjab
उड़ता पंजाब के कलाकार

क्या पहलाज निहलानी एक तानाशाह हैं?, सत्य को छुपाने वाले हैं?, रचनात्मकता पर कैंची चलाने वाले हैं? इन्हीं सब बातों को लेकर पूरे बॉलीवुड ने एक मंच पर आकर पहलाज निहलानी के विरोध में अपने स्वर बुलंद किए।  फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्‍तियों ने सेंसर बोर्ड के अहम पद से निहलानी को हटाए जाने की मांग की है। आइए जानते हैं कि फिल्म उड़ता पंजाब से निहलानी ने क्या-क्‍या हटाने को कहा है। 

किन-किन बातों पर है सेंसर बोर्ड को एतराज

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उड़ता पंजाब में श्‍ााहिद

IFTDA के अंतर्गत इन फिल्मकारों ने कहा कि हम फिल्म के लिए सर्टिफिकेट चाहते हैं न की उसमें सीन को काटा जाना। लेकिन सीबीएफसी के बोस अपना आदेश हम पर थोप रहे हैं और एक एक्‍शन हीरो बनने की कोशिश कर रहे हैं।

किन-किन बातों पर है सेंसर बोर्ड को एतराज

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उड़ता पंजाब में बाइक चलाती करीना

पहलाज ने फिल्म की शुरूआत में पंजाब के बोर्ड को हटाने को कहा है। इसके साथ ही फिल्मकारों से पंजाब, जालंधर,चंडीगढ़,अमृतसर, तरनतारन, जशनपुरा, अंबेसर, लुधियाना और मोगा नामों को फिल्म के बैकग्राउंड और डायलॉग से हटाने को कहा गया है। सेंसर का कहना है कि फिल्म में पंजाब को गलत रोशनी में दिखाया गया है। सेंसर के नियम कहते हैं कि फिल्में देश की नीतियों, किसी क्षेत्र/राज्य विशेष, धर्म, संप्रदाय और व्यक्ति को गलत ढंग से नहीं दिखा सकतीं। सेंसर के सूत्रों के मुताबिक उड़ता पंजाब में दिखाया गया है कि राज्य के 70 फीसदी लोग नशा करते हैं। फिल्म 95 फीसदी पंजाब में आधारित है और इसमें पंजाबी ही बोली गई है।

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किन-किन बातों पर है सेंसर बोर्ड को एतराज

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श्‍ााह‌िद कपूर

फिल्म के कई संवादों और गानों में ड्रग्स का महिमामंडन है। शाहिद कपूर और अन्य ऐक्टरों को ड्रग्स का सेवन करते दिखाया गया है। शाहिद फिल्म में पॉप सिंगर बने हैं जो अपने गानों में युवाओं को ड्रग्स लेने के लिए प्रेरित करते हैं। सेंसर की गाइडलाइंस किसी को ड्रग्स का सेवन करते दिखाने के विरुद्ध हैं। फिल्म के पहले गीत से चित्‍तावे और हरामी जैसे शब्द हटाने को गया है। तो दूसरे गीत से  'tom di c*ck jevhe chitti chitti c*ck' और 'coke c*ck'हटाने को कहा गया है। सेंसर बोर्ड ने इसके अलावा फिल्म में इलेक्‍शन, एमपी, पार्टी फ्रॉम पार्टी वर्कर, एमएलए, पंजाब, पार्लियामेंट जैसे शब्दों पर आपत्ति जतायी है। फिल्म में एक नेता को चुनाव प्रचार के दौरान ड्रग्स बांटते दिखाया गया है। जबकि सभी राजनीतिक दल ड्रग्स की समस्या के विरुद्ध हैं।

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किन-किन बातों पर है सेंसर बोर्ड को एतराज

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अाल‌िया भ्‍ाट्ट

निहलानी ने फिल्म के तीसरे गीत से वह दृश्य हटाने की बात कही जिसमें एक सरदार अपने शरीर को खुजलाते दिखाया गया है। इसके अलावा वह क्लोजअप सीन भी हटाने को कहे गए हैं जिसमें इंजेक्‍शन से ड्रग्‍स लेते दिखाया गया है। इसके साथ ही वह सीन हटाने की मांग की गयी है जिसमें फिल्म का नायक टॉमी,जनता के सामने पेशाब करता दिखागा गया है। फिल्म में कई आपत्तिजनक संवाद हैं जिनमें पंजाब तथा इसके लोगों की छवि खराब तथा भावनाएं आहत होंगी। जैसेः पंजाब दी जमीन बंजर और औलाद कंजर है।

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