हिंदी सिनेमा में चढ़ते सूरज को सलाम करने और डूबते सूरज से किनारा कर लेने वालों के किस्से जब सुनाए जाते हैं, तो उनमें अभिनेता नवीन निश्चल का नाम खासतौर से लिया जाता है। एक जमाना था जब नवीन निश्चल ने फिल्म परवाना में अमिताभ बच्चन के साथ एक फ्रेम में खड़े होने से इंकार कर दिया था, फिर गुरबत के ऐसे दिन भी आए जब काम पाने के लिए उन्होंने उन्हीं अमिताभ बच्चन की मदद ली और फिल्म देशप्रेमी में उनके साथी कलाकार के तौर पर कम किया। नवीन निश्चल का आज जन्मदिन है और कल उनकी बरसी है, आइए बताते हैं आपको उनसे जुड़ी कुछ ऐसी ही 10 और अनसुनी कहानियां।
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रेखा के साथ मचाया तहलका
नवीन निश्चल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1970 में आई फिल्म 'सावन भादो' से की। इस फिल्म में रेखा ने बतौर मुख्य अभिनेत्री नवीन के साथ काम किया। रेखा की मोहक, मादक और कामुक अदाओं के चलते ये फिल्म सुपरहिट रही। रेखा इससे पहले बिश्वजीत चटर्जी के साथ एक और फिल्म साइन कर चुकी थीं लेकिन ये फिल्म पहले रिलीज हो गई।
कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने मुंबई आए
नवीन ने अपने कॉलेज के दिनों से ही विज्ञापनों में काम करना शुरू कर दिया। उस समय वह कोलकाता में थे। वहीं पर उनके दोस्तों ने उन्हें बंगाली फिल्मों में काम करने का सुझाव दिया। उसी दौरान उनके एक दोस्त ने उन्हें टैलेंट कॉन्टेस्ट का पर्चा थमाया और मुंबई जाने के लिए कहा। नवीन का दिल पहले से ही एक्टिंग में लगता था इसलिए उन्होंने आव देखा न ताव और सीधे मुंबई चले आए।
पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट के गोल्ड मेडलिस्ट
मुंबई पहुंचने के बाद नवीन की मुलाकात फिल्म निर्माता और निर्देशक मोहन सहगल से हुई। मोहन सहगल की उन दिनों हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऊंची साख थी और वह नवीन के पिता के बहुत अच्छे दोस्त भी थे। सो उन्होंने नवीन को सलाह दी कि या तो तुम मेरे साथ पहले सहायक निर्देशक के रूप में काम सीखो या फिर पुणे जाकर फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लेकर एक्टिंग सीखो। मोहन सहगल ने कहा, जब तुम हीरो बनने के लिए जरूरी सारी चीजें अच्छे से सीख जाओ तब फिर मेरे पास वापस आना।
मोहन सहगल ने निभाया वादा
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में नवीन निश्चल ने अपने बैच में टॉप कर या। तीन साल का एक्टिंग कोर्स करके नवीन यहां से गोल्ड मेडलिस्ट बनकर निकले। वहां से लौटने के बाद मोहन सहगल ने अपने वादे के मुताबिक उन्हें अपनी फिल्म 'सावन भादो' में काम दिया। यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इसके बाद नवीन के सामने फिल्म निर्माताओं की लाइन लग गई। इसके बाद उन्होंने बुड्ढा मिल गया, परवाना, वो मैं नहीं, विक्टोरिया नंबर 203, धर्मा, हंसते जख्म जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया।