हिंदी सिनेमा की आज 108वीं वर्षगांठ है। 1913 में आज ही के दिन पहली भारतीय फीचर फ़िल्म राजा हरिश्चंद्र रिलीज हुई थी। तब से लेकर आज तक सिनेमा में काफी कुछ बदला है। दादा साहब फाल्के ने लंदन से लौटने के बाद 'राजा हरिश्चंद्र' नाम की फिल्म बनाई थी। इससे पहले भारतीय लोगों का सिनेमा से कोई नाता नहीं था। राजा हरिश्चंद्र को भारत की पहली फुल-लेंथ फीचर फिल्म कहा जाता है। आज चलिए आपको बताते हैं भारत की पहली फिल्म से जुड़ी कुछ रोचक बातें...
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सिनेमा के 108 साल: आज ही रिलीज हुई थी भारत की पहली फिल्म, इस एक्टर ने निभाया था 'राजा हरिश्चंद्र' का किरदार
Mon, 03 May 2021 10:33 AM IST
अपूर्वा राय
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Mon, 03 May 2021 10:33 AM IST
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राजा हरिश्चंद्र
- फोटो : सोशल मीडिया
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राजा हरिश्चंद्र
- फोटो : ट्विटर
- 'राजा हरिश्चंद्र' मूक फिल्म थी। इसमें कहानी को इशारों में बताया गया था। उस वक्त अंग्रेजों का गुलाम रहा देश अपनी आजादी के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा था। इसलिए दादा साहब फाल्के ने इस फिल्म की कहानी की बुनियाद भी अंग्रेजों से लड़ाई की ही रखी थी। उस वक्त हर हिंदुस्तानी के मन में एक ही ख्वाब पनप रहा था- देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराना।
राजा हरिश्चंद्र
- फोटो : सोशल मीडिया
- फिल्म की कहानी राजा हरिश्चंद्र की महानता को दिखाने वाली थी। एक साधु उन्हें बहला-फुसलाकर राज-पाट ले लेता है। राजा हरिश्चंद्र को भारत देश से संबोधित किया गया था। माना जाता है कि राज पाट हटपने वाले साधु की तुलना अंग्रेजों से की गई थी।
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राजा हरिश्चंद्र
- फोटो : सोशल मीडिया
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उस दौर में दादा साहब फाल्के ने 'राजा हरिश्चंद्र' का बजट 15 हजार रुपये था। इस फिल्म में किसी महिला ने काम नहीं किया था। फिल्म में तारामती नाम की रानी का किरदार अन्ना सलंके ने निभाया था। फिल्म की अभिनेत्री की तलाश में डायरेक्टर दादा साहेब फाल्के रेड लाइट एरिया तक गए थे। मूवी में राजा हरिश्चंद्र का किरदार दत्तात्रेय दामोदर दाब्के ने निभाया था। दादा साहब को इस फिल्म को पूरा करने में सात महीने और 21 दिन लगे थे। उन्होंने इस फिल्म का सेट मुंबई के दादर में लगवाया था।
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दादा साहब फाल्के
- फोटो : सोशल मीडिया
- 3 मई 1913 बॉम्बे के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। तपती गर्मी से जूझते हुए लोगों ने गिरगांव के कोरोनेशन थिएटर में भारत की पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र की टिकट खरीदने के लिए लाइन लगाई थी। ये फिल्म लगभग 50 मिनट की थी। इसके पोस्टर्स मराठी और अंग्रेजी में बनाए गए थे।