{"_id":"5b9b976c867a557ff0706ac3","slug":"5-big-successful-bollywood-comedy-movies-because-of-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हिंदी के दम पर सफल हुईं ये 5 हास्य फिल्में, आज भी देख लो तो हंस-हंसकर दुख जाएंगे गाल","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
हिंदी के दम पर सफल हुईं ये 5 हास्य फिल्में, आज भी देख लो तो हंस-हंसकर दुख जाएंगे गाल
फिल्मी दुनिया में कई फिल्में बनी हैं जो हिंदी की असल पहचान को दर्शकों के पेश करती हैं। हिंदी फिल्मों में ही अगर हिंदी का इस्तेमाल उचित तौर पर ना हो तो यह फिल्म के साथ अन्याय होगा। हिंदी दर्शक होने की वजह से बॉलीवुड में हिंदी बोलने वाले सितारें सफल हो पाते हैं। ऐसा ही फिल्मों के साथ हैं। बात करेंगे उन 5 हास्य फिल्मों की जो हिंदी के दम पर सफल साबित हुईं...
चलती का नाम गाड़ी (1958)
2 of 6
Bollywood
इस कड़ी में सबसे पहले बात करेंगे साल 1958 में आई फिल्म चलती का नाम गाड़ी की। फिल्म में गायक किशोर कुमार अपने दोनों भाई अशोक और अनूप कुमार संग नजर आए थे। यह हिंदी सिनेमा की पहली हास्य फिल्म मानी जाती है।
पडोसन (1968)
3 of 6
पडोसन
फिल्म पड़ोसन तो आज भी दर्शकों को बहुत गुदगुदाती है। साल 1968 में सिनेमाघरों में लगी इस फिल्म में अभिनेता सुनील दत्त, किशोर कुमार, हास्य अभिनेता महमूद और अभिनेत्री सायरा बानो भी थीं। फिल्म को लोगों ने खूब सराहा था साथ ही फिल्म बहुत बड़ी सफल साबित हुई थी। फिल्म के गाने भी बहुत उम्दा थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चश्मे बद्दूर (1981)
4 of 6
Bollywood
हास्य फिल्मों का रूप समय-समय पर बदलता रहा और नई-नई चीजें देखने को मिली। ऐसा ही कुछ 80 के दशक में आई फिल्म चश्मे बद्दूर में देखने को मिला। सई परांजपे निर्देशित यह फिल्म दिल्ली में रह रहे तीन बेरोजगार फारुख शेख, रवि वासवानी और राकेश बेदी की कहानी को पेश करती है। इन तीनों युवाओं को नौकरी के साथ एक प्रेमिका की भी जरूरत होती है। हास्य का ताना-बाना इनकी इसी दूसरी जरूरत के इर्द-गिर्द बुना गया है।
विज्ञापन
अंगूर (1982)
5 of 6
Bollywood
अगले साल ही साल 1981 में फिल्म अंगूर आई जिसका निर्देशन गीतकार गुलजार ने किया था। यह हास्य फिल्म अंग्रेजी नाटक 'कॉमेडी ऑफ इरर' पर आधारित है। फिल्म में एक जैसे दिखने वाले दो आदमियों की जोड़ी दिखाई गई है। बस यही से फिल्म की कहानी विरोधाभास पैदा कर दर्शकों को हंसाती रहती हैं। फिल्म में संजीव कुमार और देवेन वर्मा की जोड़ी बहुत कमाल की है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।