Akelli The Real Story: दुबई में मिली युवती की सच्ची कहानी है अकेली, प्रणय मेश्राम ने बताई फिल्म की पूरी मेकिंग
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फिल्म 'अकेली' एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। निर्देशक प्रणय मेश्राम कहते हैं, 'मैं किसी काम के सिलसिले में साल 2016 दुबई में गया हुआ था। वहां मेरी मुलाकात एक युवती से हुई, उनका नाम मैं नहीं बता पाऊंगा क्योंकि उनकी शर्त यही थी कि उनके नाम को सार्वजनिक न करूं। वह जॉब के लिए इराक गई थी और उनके साथ वहां क्या-क्या हुआ? किस तरह से वह सभी बाधाओं के बावजूद जिंदा रहने के लिए संघर्ष करती रहीं और अपने देश वापस आईं, यही फिल्म ‘अकेली’ की कहानी है।'
प्रणय मेश्राम कहते हैं, 'हम यहीं सोचते हैं कि लोग बाहर कमाने जाते हैं, वहां उनकी जिंदगी अच्छी होती होगी, लेकिन ऐसा नहीं होता है। हमेशा सबकी जिंदगी अच्छी नहीं होती। बाद में मैंने इस विषय पर और रिसर्च की तो मुझे पता चला कि जब सुषमा स्वराज विदेश मंत्री थी तो अपने कार्यकाल में इराक से कई लोगों को सुरक्षित निकालकर लाईं थी। उनमें कई लड़कियां भी शामिल थीं। यह ऐसी कहानी है, जिसके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं है। मैंने सोचा कि इस पर फिल्म बनानी चाहिए।'
उज्बेकिस्तान में ‘अकेली’ की शूटिंग
फिल्म 'अकेली' की 90 प्रतिशत शूटिंग उज्बेकिस्तान में हुई है। निर्देशक प्रणय मेश्राम कहते हैं, 'चुकी फिल्म की पृष्ठभूमि इराक की है। इराक में तो शूटिंग कर नहीं सकते थे। इसलिए मुझे इराक जैसे दिखने वाली लोकेशन की तलाश थी,। उसके लिए मेरे पास तीन चार लोकेशन थे, जिसमें तुर्की, जॉर्डन, अबू धाबी और उज्बेकिस्तान था। जब फिल्म के लिए नुसरत की डेट मिली तो उस वक्त मेरे पास सिर्फ 48 दिन बाकी थे। शुरुआत में तुर्की और अबू धाबी में काफी कोशिश की। लेकिन कुछ कारण वश वहां नहीं जा पाए और उज्बेकिस्तान से हमें अच्छा सपोर्ट मिल रहा था। इसलिए हमने वहां शूटिंग की।'
अभिनेता विद्युत जमवाल की फिल्म 'खुदा हाफिज' के बाद 'अकेली' दूसरी ऐसी फिल्म है जिसकी शूटिंग उज़्बेकिस्तान में हुई है। प्रणय मेश्राम कहते हैं, 'उस देश के लोगों को शूटिंग के बारे में ज्यादा पता नहीं होता है। वहां के लोग न तो हिंदी बोलते हैं और न इंग्लिश बोलते हैं, इसलिए भाषा को लेकर बहुत समस्या हुई। कुछ किरदार और जूनियर आर्टिस्ट हमने वहीं से लिए हैं। उनको न तो शूटिंग के बारे में कुछ पता था और न ही रंगमंच के कलाकार थे लेकिन उन्होंने फिल्म में इतनी अच्छी एक्टिंग की है, उनको देखकर लगता है कि सधे हुए कलाकार हैं।’