सिर्फ किस्मत के भरोसा नहीं मिलती है सफलता, हुनर को हर दिन मेहनत से चमकाना भी पड़ता है... ये पंक्तियां सदी के महानायक रहे अमिताभ बच्चन पर एकदम सटीक बैठती हैं। अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्तूबर 1942 को हुआ था। अमिताभ की गिनती आज बॉलीवुड के सफल और दिग्गज अभिनेताओं में होती है। उनके जन्म के बाद किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि अमिताभ एक नाम बन जाएगा। दुनिया को प्रसिद्धि दिलाने वाला नाम। लेकिन उनकी इस सफलता के पीछे छुपा हुआ है ढेर सारा संघर्ष। अमिताभ ने फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले जितना संघर्ष किया। उससे कहीं ज्यादा संघर्ष उन्होंने फिल्मों में एंट्री के बाद किया है। लेकिन कहते हैं समय परवर्तित जरूर होता है। ऐसा ही हुआ अमिताभ के साथ भी।
एक किस्सा जो अमिताभ बच्चन कभी भुला न सके, जब फिल्म की शूटिंग छोड़ जाना पड़ा था अस्पताल
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जंजीर फिल्म में काम करने के बाद अमिताभ की किस्मत एक दम से पलट गई। अमिताभ के जीवन में आया कामयाबी का दौर। उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती ही गई। उनके जीवन में फैंस से जुड़े कई ऐसे किस्से भी हुए जो उनके लिए भुलाना मुश्किल हो गए। अमिताभ ने अपने एक पुराने इंटरव्यू के दौरान एक ऐसा ही किस्सा साझा किया था। इस इंटरव्यू के दौरान अमिताभ से पूछा गया था कि उनकी जिंदगी में कोई ऐसा किस्सा है जिसे वो कभी भूल नहीं सकते ?
इस सवाल के जवाब में अमिताभ ने कहा, 'जी हां बहुत से ऐसे किस्से हैं।' आगे अमिताभ ने उस पल को साझा करते हुए बताया, 'मेरे साथ कई चीजें ऐसी हुईं जो अपने निशान मेरी याददाश्त पर छोड़ गईं। एक बार जब मैं मद्रास में शूटिंग के सिलसिले में गया था। मेरे वहां पहुंचने के कुछ दिन बाद एक साहब मुझे होटल में मिले। बोले मैं आपसे दो मिनट बात करना चाहता हूं। मैंने थोड़ा वक्त निकालकर उनको दिया। उन्होंने कहा कि देखिए साहब एक बहुत ही मानवीय कारण पर मैं आपसे मिलने आया हूं।'
अमिताभ ने आगे बताया, 'एक बच्ची है, वो अस्पताल में है और बीमार है। मैं चाहता हूं कि आप उससे दो मिनट के लिए अस्पताल में मिल आएं। क्योंकि वो आपकी बहुत बड़ी फैन है और आपसे मिलने की ख्वाहिश रखती है।' अमिातभ ने बताया कि उस दौरान आमतौर पर ऐसी बहुत सी रिक्वेस्ट आती रहती थीं। उन्हें लगा कि वो इसे किसी तरह टाल देंगे। लेकिन वो व्यक्ति बार बार आता रहा। तब मैंने सोचा कि चलो मैं मिल लेता हूं। और एक सुबह मैं उनके साथ मद्रास के एक अस्पताल गया। और मुझे वहां पता चला कि वो बच्ची जो है दरअसल उसके स्पाइन में कुछ तकलीफ थी और एक अजीब किस्म की बीमारी थी। शायद कैंसर के नजदीक ही थी।'
अमिताभ बताते हैं कि, 'उस बच्ची का बहुत ही खतरनाक ऑपरेशन हुआ था। वो इसलिए मुझे बुला रही थी क्योंकि वो खुद चलकर नहीं आ सकती थी। उसे करीब महीने भर से अपनी पीठ पर ही लेटना पड़ा था। बच्ची बहुत दिनों से काफी तकलीफ में थी। मैं उससे मिलने गया और कुछ देर बात की और आ गया। अगले दिन मुझे डॉक्टर्स का फोन आया। उन्होंने कहा कि आपने जो किया उसकी वजह से उस लड़की में उसकी हेल्थ में इतना सुधार हुआ है जिसके लिए हम महीनों से कोशिश कर रहे थे। और ये सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे लगा कि मैं चंद दिन पहले चला जाता तो शायद उसकी तरक्की और जल्दी हो जाती।'
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