{"_id":"5c74d1d2bdec224c7f23d909","slug":"amitabh-bachchan-on-living-with-hepatitis-b-reveals-he-is-suffering-from-same","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अपनी बीमारी पर पहली बार अमिताभ का बड़ा खुलासा, बोले- मैं केवल 25 फीसदी लीवर पर जिंदा हूं","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
अपनी बीमारी पर पहली बार अमिताभ का बड़ा खुलासा, बोले- मैं केवल 25 फीसदी लीवर पर जिंदा हूं
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 26 Feb 2019 11:18 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
Amitabh Bachchan
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमित लोगों के प्रति समाज में बढ़ती दुर्भावना को लेकर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपना दिल खोलकर रख दिया है। मुंबई के एक समारोह में उन्होंने कहा, ‘इस बीमारी की वजह से जो व्यवहार लोगों के साथ होता है, वह मुझे बहुत दुखी करता है।
2 of 5
अमिताभ बच्चन
बिग बी ने कहा- 'मुझे पता चला कि इसकी वजह से तमाम महिलाओं को घर से निकाल दिया जाता है। बहुत से देश भी ऐसे हैं जहां पता चले कि आपके शरीर में ये वायरस है तो देश में नहीं घुसने दिया जाता, लेकिन, अगर मेरी सूरत और मेरी आवाज, इस अन्याय के खिलाफ काम कर सकती है तो मैं अवश्य इसमें सहयोग देना चाहूंगा।’
3 of 5
अमिताभ बच्चन
बिग बी यहीं नहीं रुके, उन्होंने बहुत ही संजीदा होते हुए कहा, ‘मैं हेपेटाइटिस बी का मरीज हूं। परेशान हो रहा हूं लेकिन मैं जीवित हूं। मेरा 75 फीसदी लीवर खराब हो चुका है लेकिन मैं 25 फीसदी पर भी जिंदा हूं। मुझे बताया गया है कि अगर आपका लीवर 12 फीसदी भी ठीक है तो लोग जीवित रह सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
अमिताभ बच्चन
उन्होंने कहा- मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं, कि मुझे किसी काम या दिनचर्या में मुझे कोई भी तकलीफ नहीं होती। मैं काम करता हूं, एक साधारण जीवन बिता रहा हूं, जहां भी बुलाया जाता है, मैं वहां जाता हूं।’ अमिताभ बच्चन ने इस दौरान पोलिया मुक्त भारत में अपने योगदान की चर्चा की और कहा टीबी के खिलाफ चले अभियान में भी वह शामिल रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 5
अमिताभ बच्चन
अपने खुद के टीबी का मरीज रहने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के हित के हर काम के लिए वह तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान चलाने वालों को ये भी देखना चाहिए कि उनकी आवाज या उनकी वीडियो का असर कितना पड़ रहा है, अगर मुझे अभियान चलाने वाले ये भी बताते रहें तो उन्हें संतोष मिलेगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।