एक दौर था जब हिंदी फिल्मों में सबसे ताकतवर खलनायक दिखाने की होड़ रहती थी। ये खलनायक जितना ताकतवर होता था, उतना ही हीरो को उसे मारने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। कई बार तो खलनायक अपने अभिनय से हीरो पर भी भारी पड़ जाता है। ऐसी तमाम फिल्में हैं, जो सिर्फ खलनायक की वजह से हिट हुईं। और जब जब बात हिंदी फिल्मों में खलनायक की होती है तब सबसे ऊपर अमरीश पुरी का नाम आता है। रौबदार शख्सियत, आंखों में गजब का तेज और दमदार आवाज जब पर्दे पर सुनाई देती थी तब दर्शक समझ जाता था कि बॉलीवुड का सबसे बड़ा खलनायक आ चुका है। 22 जून 1932 को अमरीश पुरी का जन्म हुआ था। आज अमरीश पुरी के जन्मदिन पर आपको उनके कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं।
खलनायक होकर भी हीरो पर भारी पड़ते थे अमरीश पुरी, ये 10 किरदार देखकर हो जाएगा यकीन
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साल 1984 में रिलीज हुई एक्शन- एडवेंचर हॉलीवुड फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ दूम' में अमरीश पुरी के किरदार को सभी ने बेहद पंसद किया था। फिल्म में उन्होंने मोला राम का किरादर निभाया था। काफी लंबे वक्त तक अमरीश को विदेश में मोला राम के ही नाम से जाना जाने लगा था।
साल 1986 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म नगीना में अमरीश पुरी ने बाबा भैरवनाथ का किरदार निभाया था। एक सपेरे के किरदार में अमरीश ने जान डाल दी थी। न सिर्फ एक्टिंग बल्कि लुक्स से भी अमरीश ने जमकर सुर्खियां बंटोरी थीं।
1987 में रिलीज हुई 'मिस्टर इंडिया' में अमरीश पुरी का किरदार अमर माना जाता है। आज भी डायलॉग 'मोगैंबो खुश हुआ' लोगों की जुबां पर चढ़ा रहता है। फिल्म के हीरो अनिल कपूर से ज्यादा विलेन बने अमरीश ने वाहवाही लूटी थी।
साल 1987 में आई फिल्म 'लोहा' में अमरीश पुरी ने एक्टर धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा की नाक में दम करके रखा हुआ था। फिल्म में अमरीश का रोल शेर शेरा सिंह का था जो देखने में बहुत ही भयानक था।