अभिनेत्री अनन्या पांडे भले ही अब तक पांच-छह फिल्में कर चुकी हों, लेकिन वह आम दर्शकों तक अपनी पहचान अब भी नहीं बना पाई हैं। इस बात का खुलासा खुद अनन्या पांडे ने ‘अमर उजाला’ से इस खास बातचीत मे किया है। वह कहती है कि जब वह मथुरा में फिल्म 'ड्रीम गर्ल 2' की शूटिंग कर रही थी तो उन्हें आम पब्लिक ने पहचाना ही नहीं और इसी वजह से उन्होंने मथुरा की सड़कों और बाजारों में खूब मौज मस्ती की। अनन्या पांडे की फिल्म 'ड्रीम गर्ल 2' शुक्रवार को रिलीज हो रही है। फिल्म में उन्हें इस सीरीज की पिछली फिल्म नुसरत भरुचा को हटाकर लिया गया है।
Ananya Pandey: 25 फीसदी फॉलोअर्स भी फिल्म देखने आ जाएं, तो फिल्म हिट हो जाएगी, पर ऐसा होता नहीं हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब 'ड्रीम गर्ल 2' में आपका मुकाबला पूजा से होने वाला है, ये जानते हुए भी आपने ये फिल्म की?
मुझे पता था कि फिल्म में मेरा सामना पूजा से होने वाला है। मैने स्क्रिप्ट पढ़ी थी। पहले भी मैंने दो हीरोइन वाली फिल्में की हैं। लेकिन, पूजा फिल्म में ऐसी दिखेगी मुझे यह पता नहीं था। मुझे लगता है कि फिल्म में आयुष्मान खुराना के पूजा के किरदार को देखकर दर्शक भी काफी आश्चर्यचकित हो जाएंगे। फिल्म के ट्रेलर में भी पूजा को आपने काफी ग्लैमरस अंदाज में देखा है। फिल्म में पूजा के किरदार को लेकर आयुष्मान खुराना ने बहुत तैयारी की है। जिस तरह से उन्होंने किरदार को लेकर तैयारी की, उसे देखकर मैं काफी प्रभावित हुई। फिल्म में मेरा मथुरा की साधारण सी लड़की का किरदार है, जो ब्रज भाषा में बात करती है।
मथुरा की ब्रज भाषा बहुत ही प्यारी भाषा है इस भाषा को सीखने के लिए किस तरह की तैयारी करनी पड़ी आपको?
ब्रज भाषा के लिए हमारे साथ सेट पर यश चतुर्वेदी मेरे डायलॉग कोच थे। उनके साथ शूटिंग पर काफी वक्त बिताया और उनसे ब्रज भाषा सीखने में काफी मदद मिली। मथुरा में जहां फिल्म की शूटिंग चल रही थी, वहां वैनिटी वैन खड़ी करने की जगह नहीं थी तो हमें मेकअप करने के लिए एक छोटा सा कमरा मिला था। होटल से शूटिंग स्थल पर रोज ऑटो से जाते थे। सबकी बातचीत सुनते थे और उनकी भाषा को समझने की कोशिश करते थे कि कैसे वह बातचीत कर रहे हैं। मुझे कोई पहचानता नहीं था। इसका फायदा मैंने खूब उठाया बाजार में जाकर चुनरी खरीदती थी। वहां के सारे मंदिरों में गई।
इसे भी पढ़ें- Rithvik Dhanjani: सिंगापुर में खोए इन दो सितारों के बैग, फिल्म देखिए और खुद तय करिए कहानी का क्लाइमेक्स
मथुरा की और क्या चीज आपको अच्छी लगी?
मथुरा का खाना मुझे बहुत अच्छा लगा खासकर भिंडी की सब्जी को तो बिलकुल भी नहीं भूल सकती, एक दम तीखी होती थी। मथुरा के पेड़े का तो जवाब ही नहीं, आयुष्मान खुराना मेरे लिए गुड़ के बने पेड़े लाते थे। वहां के लोगों में बहुत मिठास और प्यार है। एक बार मैं जा रही थी तो पीछे से किसी ने आवाज दी, पांडे जी की बेटी। मैं चौक कर पीछे मुड़ी। एक शख्स मेरे करीब आ रहा था। उन्होंने बताया कि वह मेरे पापा के बहुत बड़े फैन हैं, उन्होंने पापा की सारी फिल्में देखी है।
आपने अपने पापा चंकी पांडे की पहली फिल्म कौन सी देखी?
पापा की पहली फिल्म मैंने पहली फिल्म 'आंखें' देखी थी। गोविंदा जी के साथ पापा ने इस फिल्म में काम किया था। यह मेरी सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक है। उसके बाद मैने पापा की 'विश्वात्मा', 'तेजाब', जैसी फिल्में हाल ही में देखी है। बाकी तो नई फिल्में जो भी रिलीज होती हैं, सब देखती ही हूं। मुझे हमेशा से लगता था कि वह स्टार हैं, लेकिन कभी खुद से महसूस नहीं होने दिया कि वह स्टार हैं और हमारी जिंदगी बहुत अलग होने वाली है। पापा ने जिंदगी में काफी उतार चढ़ाव देखें हैं लेकिन कभी उनको मायूस होते नहीं देखा। इस बात से मुझे काफी प्रेरणा मिलती है।