अमेरिकी संसद में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार के हालात पर भारत की वरिष्ठ स्तंभकार सुनंदा वशिष्ठ ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि भारत के बिना कोई कश्मीर नहीं है। सुनंदा के इस बयान की खूब तारीफ हो रही है। इस बीच एक्टर अनुपम खेर ने भी सुंनदा की दमदार स्पीच पर ट्वीट किया है।
अमेरिका में कश्मीरी हिंदुओं पर सुनंदा वशिष्ठ की स्पीच पर अनुपम खेर का बयान, कहा- आतंक का शिकार...
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अनुपम खेर ने सुनंदा वशिष्ठ का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा- 'कश्मीर में आतंकवाद का शिकार हुए 4,00000 कश्मीरी हिंदुओं की तरफ से बोलने के लिए आपका धन्यवाद आपने बड़ी गरिमा और सच्चाई के साथ बात की है।'
अनुपम खेर ने आगे कहा- 'कभी कभी एक इंसान की पीठ सीधी होने से करोड़ों लोगों की रीढ़ की हड्डी भी सीधी हो सकती है।' #WorldShouldNotForget
Thank you @sunandavashisht for speaking on behalf of 400000 #KashmiriHindus who were victims of terrorism in Kashmir. You spoke with great dignity & truth. कभी कभी एक इंसान की पीठ सीधी होने से करोड़ों लोगों की रीढ़ की हड्डी भी सीधी हो सकती है। 🙏 #WorldShouldNotForget pic.twitter.com/h1cg3knLrO
सुनंदा ने क्या कहा था
सुनंदा वशिष्ठ ने पाक पर निशाना साधते हुए कहा, कश्मीर उस वक्त से इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे बर्बर आतंक का मुकाबला कर रहा है, जब पश्चिमी देशों को आतंक के बारे में कुछ भी नहीं पता था। उन्होंने कहा, भारत ने कश्मीर पर कभी कब्जा नहीं किया। यह भारत का ही अंग था और है। पाकिस्तान की तरह भारत की पहचान 70 साल पुरानी नहीं है। 5000 साल पुरानी सभ्यता होने के नाते कश्मीर के बिना भारत नहीं और भारत के बिना कोई कश्मीर नहीं है।
टॉम लैंटन मानवाधिकार आयोग के समक्ष सुनंदा ने 1990 में कश्मीरी पंडितों को राज्य से निकाले जाने के वाकये को याद करते हुए कहा, मुझे खुशी है कि कश्मीर पर अमेरिकी कांग्रेस में सुनवाई हो रही है, क्योंकि जब मैंने और मेरे परिवार ने अपना घर खोया, तब पूरी दुनिया चुप रही थी।
जब हमारे अधिकार छीने जा रहे थे, तब मानवाधिकार के पैरोकार कहां थे? मानवता के रक्षक उस वक्त कहां थे, जब मेरे बेहद कमजोर दादा अपने हाथ में रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू और जंग लगी एक पुरानी कुल्हाड़ी लिए मुझे और मेरी मां को मार डालने के लिए तत्पर खड़े थे, ताकि हमें आतंकियों की हैवानियत से बचाया जा सके। सभी मौतें पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित किए गए आतंकियों की वजह से हो रही थीं।
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