बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर अपनी फिल्मों के अलावा देश के मुद्दों पर भी खुलकर राय रखते हैं। सोशल मीडिया पर वह अपने फैंस से अक्सर संवाद करते नजर आते हैं। राजनीति में भी उनकी गहरी समझ है। लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते होंगे कि अनुपम खेर अभिनेता बनने से पहले वह पहली बार ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) शिमला में जॉब करने गए थे। लेकिन यहां उन्हें पहले ही दिन रिजेक्ट कर दिया गया था। उन्होंने यहां आकस्मिक उद्घोषक (Casual Announcer) के पद पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। लेकिन वह ये नौकरी नहीं ले पाए थे।
किस्सा: जब अनुपम खेर को आकाशवाणी शिमला ने जॉब के पहले ही दिन कर दिया था रिजेक्ट
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खेर ने उस दिन ड्यूटी अधिकारी के शब्दों को याद करते हुए कहा, 'पहले ही दिन उन्होंने मुझसे कहा, 'मैं आपके पैर छूता हूं, कृपया फिर से एआईआर शिमला न आएं'। अभिनेता कहते हैं, मुझे अपनी अस्वीकृति पर कभी कोई नाराजगी नहीं थी क्योंकि मेरा मानना है कि असफलता सफलता की सीढ़ी पर पहला कदम है। 'मैं आज यहां आया हूं और मैं सफलता महसूस कर रहा हूं।'
खेर ने कहा कि अगर उन्हें आकाशवाणी में खारिज नहीं किया गया होता, तो वह ड्रामा स्कूल में शामिल नहीं होते और अभिनेता नहीं बनते। वहीं, दस साल बाद, खेर ने महेश भट्ट की कई पुरस्कार विजेता फिल्म "सारांश" के साथ हिंदी सिनेमा में शानदार शुरुआत की।
आकाशवाणी शिमला के कार्यक्रम प्रमुख उमेश कश्यप ने बताया कि खेर का रेडियो स्टेशन का दौरा 'पूर्व नियोजित' नहीं था। कश्यप ने कहा कि अभिनेता के साथ उनकी मां दुलारी खेर भी थीं और उन्होंने लाइव रेडियो पर जाने की इच्छा व्यक्त की। उसके बाद अभिनेता के अनुरोध को पूरा करने के लिए मिनटों में एक छोटा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कश्यप ने कहा कि खेर ने उनसे शीघ्र ही आकाशवाणी शिमला पर विस्तृत साक्षात्कार का वादा किया है।
बता दें कि अनुपम खेर इंडस्ट्री के ऐसे अभिनेता हैं जो अपने किरदार को खुद में अंदर तक उतार लेते हैं। 'कर्मा', 'तेजाब', 'राम लखन', 'दिल', 'सौदागर', '1942 ए लव स्टोरी', 'रूप की रानी चोरों का राजा' और 'हम आपके हैं कौन' जैसी कई फिल्मों में अनुपम खेर की भूमिका काफी सराहनीय रही। 'कुछ कुछ होता है', 'मोहब्बतें', 'वीर जारा', 'रंग दे बसंती', 'खोसला का घोसला','ए वेडनस डे', और 'स्पेशल 26' जैसी फिल्में अगर सफल हुईं तो उसमें अनुपम खेर की बड़ी भूमिका रही।