रामानंद सागर की रामायण में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल का जन्म 12 जनवरी 1958 को मेरठ में हुआ था। श्रीराम के किरदार से अरुण इतना मशहूर हो गए थे कि लोग उन्हें सचमुच भगवान ही मानने लगे थे। इस रोल के लिए अरुण गोविल ने किस तरह ट्रेनिंग ली, चलिए आपको बताते हैं।
भगवान राम बनने के लिए अरुण गोविल ने किया था छोटा सा काम, सुपरहिट हो गया था सीरियल
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बीते दिनों अरुण गोविल से एक शख्स ने ट्विटर पर सवाल किया था। उसने गोविल से पूछा कि श्रीराम के किरदार को जीवंत बनाने के लिए किस तरह की तैयारी आपको करनी पड़ी थी? इस सवाल के जवाब में अरुण गोविल ने ट्विटर पर लिखा, 'मैंने कोई फिल्म नहीं देखी, अपने घरों में उनकी जो तस्वीरें हैं, वही देखी थीं।'
अरुण ने अपने इस ट्वीट में आगे लिखा था, 'उनके तमाम गुणों के आधार पर उनकी कल्पना की थी। शूटिंग से पूर्व हमने राम के लुक में फोटो निकाली, यह देखने के लिए कि हम कैसे दिखते हैं। हम इंसान दिख रहे थे, भगवान नहीं। राम का यह एक गुण था।'
अपनी बात आगे रखते हुए अरुण ने कहा, 'लेकिन भगवान की सौम्यता और निर्मलता नहीं दिख रही थी। मुझे राजकुमार बड़जात्या जी की एक बात याद आ गई थी कि आपकी मुस्कुराहट बहुत अच्छी है, इसे किसी दिन इस्तेमाल कीजिएगा। मैंने अपनी मुस्कान का यहां इस्तेमाल किया और उसने मेरा सारा काम कर दिया।'
गौरतलब है कि बीते साल लॉकडाउन के दौरान 33 साल फिर से रामायण का प्रसारण किया गया था। लोगों ने इस धारावाहिक को इतना पसंद किया कि टीआरपी के नए रिकार्ड बन गए। दोबारा प्रसारण के बाद इस धारावाहिक के सभी कलाकार लाइम लाइट में आ गए।
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