अतरंगी विषयों पर फिल्में बनाने वाले अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म 'चोक्ड: पैसा बोलता है' की कहानी को लेकर मचे बवाल से ये तो साफ हो गया कि फिल्म की कहानी नई और पुरानी करेंसी के बीच में फंसे किसी पेंच पर बनी है। विल्सन लुईस और अनुराग कश्यप के बीच अब कहानी वाले मसले पर सुलह सफाई हो चुकी है। विल्सन का कहना था कि अनुराग की नई फिल्म उनकी पिछले साल रिलीज हुई शॉर्ट फिल्म 'चोक' जैसी है। तो चलिए आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ और फिल्मों में जिनकी कहानियों के किरदारों की 'चोक' करेंसी से ही लेती है।
चोक्ड से पहले इन फिल्मों में दिखे करेंसी के करामाती करिश्मे, किसी ने असली तो किसी ने मारी नकली 'रेड'
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रेड (2018)
सबसे पहले बात करते हैं वर्ष 2018 में आई अजय देवगन, इलियाना डिक्रूज और सौरभ शुक्ला की फिल्म 'रेड' के बारे में। यह फिल्म रामेश्वर सिंह उर्फ राजाजी के काले पैसे के इर्द-गिर्द घूमती है। वह लखनऊ के जाने-माने रईस इंसान हैं। अमय पटनायक एक इनकम टैक्स ऑफिसर है जिसको किसी अपरिचित इंसान से राजाजी की काली संपत्ति की खबर मिलती है। आयकर विभाग राजाजी के घर अचानक से पहुंचकर रेड मार देता है जिसमें कड़ी मेहनत के बाद उनके हाथ भारी मात्रा में काला धन बरामद होता है। यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है।
स्पेशल 26 (2013)
संकल्पना के हिसाब से हिंदी सिनेमा की यह फिल्म बहुत ही अनोखी है। फिल्म में अक्षय कुमार, अनुपम खेर, मनोज बाजपेयी, काजल अग्रवाल आदि कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म भी सच्ची घटना पर ही आधारित है। नीरज पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अजय सिंह और प्रमोद कुमार शर्मा जैसे कुछ लोग मिलकर सीबीआई की एक नकली टीम बनाते हैं और व्यापारियों और राजनीतिज्ञों के यहां असली रेड मारते हैं। इन छापेमारियों से वह बहुत सा काला धन इकट्ठा करते हैं। भले ही वह अच्छा काम कर रहे थे लेकिन फिर उनके पीछे असली सीबीआई की टीम पड़ जाती है।
ब्लड मनी (2012)
कहने को तो यह फिल्म एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है जिसकी कहानी एक रोमांटिक जोड़े से शुरू होती है। कुणाल और आरजू एक दूसरे से प्यार करते हैं और शादी कर लेते हैं। कुणाल बेरोजगार है कुछ कमाता नहीं है। पैसे की आशा में ये दोनों दक्षिण अफ्रीका चले जाते हैं और वहीं जाकर बस जाते हैं। इसी बीच कुणाल को हीरे का व्यापार करने वाली एक कंपनी में नौकरी मिल जाती है। लेकिन, बहुत ही जल्द कुणाल की नीयत खराब होती है और वह कंपनी के कुछ गोरखधंधों में भी शामिल हो जाता है। यह फिल्म अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काले धन का खुलासा करती है। फिल्म में कुणाल खेमू, मनीष चौधरी, पूजा गुप्ता और अमृता पुरी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
नॉक आउट (2010)
कहानी इस फिल्म की भी थोड़ी अजीब ही है। बच्चूभाई एक फोन बूथ पर एक फोन करने के लिए आता है लेकिन अचानक से उसके लिए एक फोन उस फोन बूथ पर आना शुरू हो जाता है। उसे भरोसा नहीं होता और वह फोन करने वाले को धमकी भी देता है कि उसे फोन ना करे। लेकिन उसकी धमकी सुनकर बच्चूभाई को धमकी मिलती है कि अगर उसने वैसा नहीं किया जैसा कि वह फोन वाला चाहता है तो वह बच्चूभाई को गोली मार देगा। वह डर जाता है और फोन पर जैसा आदेश मिलता है, वैसा करता जाता है। बच्चूभाई एक भ्रष्ट राजनीतिज्ञ के लिए काम करता था जिसके पास 320 बिलियन रुपये का काला धन था। बच्चूभाई को आदेश मिलता है कि उस पैसे को पब्लिक के खाते में डाल दिया जाए। और ऐसा ही होता है। फिल्म में संजय दत्त, कंगना रनौत और इरफान खान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।