भोजपुरी सिनेमा की नंबर वन हीरोइन रहीं रिंकू घोष आठ साल बाद वापस कैमरे के सामने लौट रही हैं। रिंकू घोष की आखिरी फिल्म 'नगीना' 2014 में प्रदीप पांडे चिंटू के साथ रिलीज हुई और साल 2015 में वह बिजनेसमैन अमित दत्ता रॉय से शादी करके मस्कट चली गईं। अब वह भोजपुरी फिल्म 'नवरात्रि' से वापसी करने जा रही हैं। शादी के बाद रिंकू घोष साल भर पहले गंगा चैनल के रियलिटी शो 'मेमसाब नंबर वन' में जज बनकर नजर आ चुकी हैं और उल्लू एप के लिए वेब सीरीज 'पत्थर पेटी' में भी काम कर चुकी हैं लेकिन सिनेमा में उनकी वापसी फिल्म 'नवरात्रि' से ही हो रही है।
Bhojpuri: मस्कट से वापस लौटीं भोजपुरी की नंबर वन हीरोइन रही रिंकू घोष, आठ साल बाद शुरू की इस फिल्म की शूटिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी वापसी पर रिंकू घोष कहती हैं, 'एक दिन वापस अपने देश तो आना ही था। पराया देश पराया ही होता है। और अपना देश अपना। शादी के बाद कुछ दिनों के लिए मुझे काम से ब्रेक लेना था ताकि अपनी शादीशुदा जिंदगी को पूरा समय दे पाऊं। अब मेरे पति भी वापस मुंबई में ही कारोबार शुरू कर चुके हैं तो मेरे लिए फिर से फिल्मों और वेब सीरीज में काम करना आसान हो गया है।' रिंकू घोष ने अभिनय की शुरुआत बांग्ला फिल्मों से की थी। हिंदी फिल्मों और धारावाहिकों के अलावा वह तमिल व तेलुगू फिल्में भी कर चुकी हैं लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता भोजपुरी फिल्मों में ही मिली।
रिंकू घोष ने भोजपुरी में डेब्यू फिल्म 'सुहागन बना सजना हमार' से किया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रवि किशन, मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव, पवन सिंह जैसे भोजपुरी के कई नायकों के साथ कई हिट फिल्में दे चुकी रिंकू घोष की साल 2014 के आखिरी में फिल्म 'नगीना' रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनके साथ प्रदीप पांडे चिंटू थे। इस फिल्म के बाद रिंकू घोष साल 2015 में अमित दत्ता रॉय से शादी करके मस्कट चली गईं थी। कोरोना काल में दोनों वापस मुंबई लौटे। अमित का बिजनेस यहां सेट हो गया तो अब रिंकू भी भोजपुरी फिल्म 'नवरात्रि' से वापसी कर रही हैं।
भोजपुरी सिनेमा में बदलाव को लेकर रिंकू कहती हैं, 'बदलाव अच्छा भी हुआ है और बुरा भी हुआ हैं। अगर भोजपुरी सिनेमा की बात करें तो इन दिनों बहुत अच्छी अच्छी फिल्में बन रही हैं। लोग कहानी और किरदार पर ध्यान दे रहे हैं, ये बहुत अच्छी बात है। आज थोड़ा बजट कंट्रोल में हो गया है। पहले भोजपुरी सिनेमा की शूटिंग बीस बाईस दिन में होती थी और अभी बारह से पन्द्रह दिन में शूटिंग पूरी हो जा रही है। अब डिजिटल का जमाना आ गया है। आज सारी चीजें चैनल के हिसाब से हो रही हैं। अब कम समय में ही अच्छी फिल्में बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’
रिंकू घोष कहती है, 'वापस आने के बाद जिस तरह से लोगों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है। लोग मिल रहे है तो सोचती है कि कैसे इन लोगों से इतने साल तक मैं दूर रही। लोग कहते है आपके जाने से जो जगह खाली रह गई थी वो खाली ही है और आप के आने के बाद पूरी हो गई। इस बात की मुझे खुशी है कि लोग अभी भी मुझे प्यार करते हैं। हालांकि अब काफी नए लोग आ गए हैं जिनके साथ मैंने काम नहीं किया है, उन लोगों के साथ अब नई शुरुआत हो रही है। जब मैंने भोजपुरी में पहली फिल्म 'सुहागन बना द सजना हमार' से की थी तो समय मैं काफी एक्साइटेड और नर्वस थी उतनी ही एक्साइटेड और नर्वस मैं 'नवरात्रि' की शूटिंग के दौरान थी।’