मनोज कुमार ने बॉलीवुड में अपनी अलग ही छवि बनाई है। उन्होंने देशभक्ति से जुड़ी कई सारी फिल्मों में अभिनय किया है। 1937 में जन्मे अभिनेता ने 20 वर्ष की आयु में बॉलीवुड में फिल्म फैशन से डेब्यू किया था, जिसे वे स्वयं अपनी पसंदीदा फिल्म मानते हैं। मनोज कुमार राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में भी गजब का अभिनय किया है। फिल्म ‘कांच की गुड़िया’ में उन्होंने पहली बार मुख्य भूमिका निभाई है।
जन्मदिन: ‘फैशन’ में निभाया था 80 वर्ष के बुजुर्ग का किरदार, इस फिल्म के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
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पड़ गया था नाम ‘भारत कुमार’
एक समय ऐसा था जब लोग मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ ही कहने लगे थे, इसके पीछे वजह यह थी कि अधिकतर फिल्मों में उनके किरदार का नाम भारत था। हालांकि, उनका वास्तविक नाम हरिकृष्णा गिरी गोस्वामी था लेकिन वह दिलीप कुमार और अशोक कुमार से प्रेरित थे इसलिए उन्होंने अपना नाम मनोज कुमार रखा।
भारत विभाजन के समय छोड़ा पाकिस्तान
मनोज कुमार का जन्म पाकिस्तान के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। दस वर्ष की आयु में वे परिवार के साथ एबटाबाद, पाकिस्तान छोड़कर भारत विभाजन के समय भारत आए। कुछ समय परिवार के साथ विजय नगर के किंग्सवे कैंप में शरणार्थियों के रूप में रहे और बाद में दिल्ली आ गए।
नेताओं से थे अच्छे संबंध
उन्हें मनोज कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके नेताओं से अच्छे संबंध रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी उनकी फिल्मों को पसंद किया करते थे। उपकार फिल्म की प्रेरणा उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे 'जय जवान-जय किसान' से मिली थी।
मनोज कुमार ने फिल्म ‘फैशन’ से करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने एक 80 वर्षीय व्यक्ति की भूमिका निभाई थी। वर्ष 1965 में मनोज कुमार ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म ‘शहीद’ में काम किया था, जिसके बाद उनकी छवि एक देशभक्त की बन गई थी।