आज (30 जुलाई) राज्यसभा में भी तीन तलाक का बिल पास हो गया है। ऐसे में अब इसके कानून बनने के लिए सिर्फ राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी है। दरअसल तीन तलाक का मुद्दा नया नहीं हैं। ऐसे में बॉलीवुड में भी इस मुद्दे पर फिल्म के माध्यम से ध्यान आकर्षित किया गया है। एक नजर उन फिल्मों पर जिनमें दिखाया गया है तीन तलाक का मुद्दा...
तीन तलाक का दर्द दिखा चुकी हैं ये फिल्में, इस फिल्म की वजह से तो हो जाते कई लोगों के डिवोर्स
चौदहवीं का चांद
गुरु दत्त और वहीदा रहमान की फिल्म चौदहवीं का चांद 1962 में रिलीज हुई थी। फिल्म लखनऊ की इस्लामिक संस्कृति पर आधारित थी। फिल्म में गुरु दत्त और उनके दोस्त नवाब को वहीदा रहमान से प्यार हो जाता है। यहीं कहानी में मोड़ आता है जब दोस्ती के लिए एक शख्स अपनी मोहब्बत की कुर्बानी देता है और वहीदा को तलाक दे देता है।
मियां कल आना
'मियां कल आना' एक शॉर्ट फिल्म है। फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दिकी लीड रोल में नजर आए थे। यह 17 मिनट 20 सेकेंड की फिल्म है। इसे 18 जनवरी 2018 को यूट्यूब पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म के बारे में नवाज ने कहा था- 'तीन तलाक के बाद की मुस्लिम महिला हलाला के तहत क्या-क्या झेलती है। इसमें मुस्लिम औरत असहाय होकर सिर्फ एक वस्तु बनकर रह जाती है, फिल्म के जरिए यही दिखाने की कोशिश की गई है।'
कोड ब्लू
कोड ब्लू भी ट्रिपल तालाक पर आधारित फिल्म थी।राहत काजमी फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म में आलोकनाथ, ऋषि भूटानी, सुष्मिता मुखर्जी और अलीना लीड रोल में नजर आए थे। फिल्म को लेकर अलीना को काफी समस्याएं झेलनी पड़ी थीं । हालांकि फिल्म को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रिलीज किया गया था।
अमोल कगने, चिन्मय मंडेलकर, प्रीतम कगने और प्रियदर्शन जाधव स्टारर फिल्म हलाल 2017 में रिलीज हुई थी। शिवाजी लोटन पाटिल निर्देशित फिल्म की स्टोरी राजन खान ने लिखी थी।
