{"_id":"5f4644818ebc3e3cca0c77f7","slug":"bollywood-singer-mukesh-death-anniversary-here-know-about-him","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mukesh Death Anniversary: 10वीं की पढ़ाई के बाद नौकरी करने लगे थे मुकेश, फिर ऐसे मिला था फिल्मों में गाने का मौका","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Mukesh Death Anniversary: 10वीं की पढ़ाई के बाद नौकरी करने लगे थे मुकेश, फिर ऐसे मिला था फिल्मों में गाने का मौका
एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Wed, 26 Aug 2020 05:01 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
मुकेश
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
राज कपूर की आवाज कहे जाने वाले गायक मुकेश ने 27 अगस्त 1976 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। अपनी गायकी से लोगों के दिलों पर राज करने वाले मुकेश ने एक से बढ़कर एक गाने दिए। इनमें 'दोस्त-दोस्त ना रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'सजन रे झूठ मत बोलो', 'कहता है जोकर', 'दुनिया बनाने वाले', 'आवारा हूं' और 'मेरा जूता है जापानी' सहित अनेक गाने शामिल हैं। मुकेश की पुण्यतिथि पर चलिए बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
2 of 5
मुकेश
- फोटो : फाइल
मुकेश का पूरा नाम मुकेश चंद्र माथुर था। उनका जन्म 22 जुलाई 1923 को हुआ। उनके पिता जोरावर चंद्र माथुर पेशे से इंजीनियर थे। 10 भाई बहनों में मुकेश छठे नंबर पर थे। बचपन से ही उनकी रुचि गाने में थी। 10वीं के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और पीडब्लूडी में नौकरी करने लगे थे।
3 of 5
मुकेश
- फोटो : फाइल
एक दिन मुकेश अपने रिश्तेदार मोतीलाल की बहन की शादी में गाना गा रहे थे। मुकेश की आवाज को मोतीलाल ने ही पहली बार नोटिस किया। वो उन्हें मुंबई लेकर आए और गाने की ट्रेनिंग दिलवाई। मुकेश ने 1941 में फिल्म 'निर्दोष' में अभिनय के साथ गाना भी गाया। उनका पहला गाना 'दिल ही बुझा हुआ हो तो' था। इस फिल्म के बाद उन्होंने 'माशूका', 'आह', 'अनुराग' और 'दुल्हन' में भी अभिनय किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
मुकेश, राज कपूर
- फोटो : फाइल
एक दौर ऐसा था जब मुकेश को शोमैन 'राज कपूर की आवाज' कहा जाने लगा। राज कपूर और मुकेश में काफी अच्छी दोस्ती थी। मुश्किल दौर में राज कपूर और मुकेश हमेशा एक-दूसरे की मदद को तैयार रहते थे। साल 1959 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'अनाड़ी' ने राज कपूर को पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया। 'अनाड़ी' फिल्म के 'सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी' गाने के लिए मुकेश को भी सर्वश्रेष्ठ गायक का पहला फिल्मफेयर का अवॉर्ड मिला था। मुकेश ने सिर्फ राज कपूर ही नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, संजीव कुमार, मनोज कुमार और शशि कपूर के लिए भी सुपरहिट गाने गाए।
विज्ञापन
5 of 5
मुकेश
- फोटो : फाइल
राज कपूर की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' के गाने 'चंचल निर्मल शीतल' की रिकॉर्डिंग के बाद मुकेश अमेरिका में एक कॉन्सर्ट करने चले गए। वहां दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। 53 साल की उम्र में मुकेश के निधन से फिल्म इंडस्ट्री समेत देशभर में शोक की लहर दौड़ पड़ी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जब राज कपूर को उनकी मौत की खबर मिली तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'मुकेश के जाने से मेरी आवाज और आत्मा दोनों चली गई।'
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।