अखिल भारतीय व्यापारी संघ (CAIT) ने भारतीय सिनेमा के कलाकारों दीपिका पादुकोण, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, कटरीना कैफ, आमिर खान, रणवीर सिंह आदि से चीन में बने सामानों का प्रचार न करने की अपील की है। संघ के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि भारतीय सिनेमा के शीर्ष कलाकार अगर चीनी उत्पादों का प्रचार करने का बहिष्कार कर देते हैं तो ये मौजूदा स्थिति को हल करने में बहुत सहायक हो सकता है। व्यापारी संघ ने अपनी इस मुहिम में अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, माधुरी दीक्षित, महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और सोनू सूद जैसे बड़े कलाकारों का साथ भी मांगा है।
निशाने पर आए चीनी उत्पादों का प्रचार करने वाले बॉलीवुड स्टार्स और क्रिकेटर, सीएआईटी ने जारी की खास अपील
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संघ के मुताबिक चीनी उत्पादों का प्रचार करने वाले भारतीय सिनेमा के कलाकारों की सूची भी काफी लंबी है। आमिर खान और सारा अली खान वीवो मोबाइल फोन का प्रचार करते हैं, वहीं विराट कोहली को भी आईक्यूओओ स्मार्टफोन का प्रचार करते हुए देखा जाता है। दीपिका पादुकोण, सिद्धार्थ मल्होत्रा, कटरीना कैफ, रैपर बादशाह और रणबीर कपूर ओप्पो कंपनी का प्रचार करते हैं, वहीं रणवीर सिंह शाओमी का बाजार बढ़ाते दिखते हैं। रियलमी का प्रचार भी सलमान खान, श्रद्धा कपूर व आयुष्मान खुराना जैसे बड़े कलाकार दिल खोलकर करते हैं।
जानकारी के मुताबिक आमिर खान वीवो के हर एक नए विज्ञापन के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये लेते हैं। रियलमी फोन का प्रचार करने के लिए सलमान खान छह से सात करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं। वहीं, शाओमी के फोन का प्रचार करने के लिए रणवीर सिंह भी लगभग पांच करोड़ रुपये तक कमाते हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली भी इनसे कुछ पीछे नहीं हैं। वह भी आईक्यूओओ स्मार्टफोन के प्रचार के लिए पांच करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं। दीपिका पादुकोण भी एक विज्ञापन के लिए छह से आठ करोड़ रुपये तक लेती हैं।
चीनी कंपनियों से भले ही यह कलाकार मात्र विज्ञापन करने का ही इतना पैसा लेते हैं लेकिन यह बात भी सही है कि इन कलाकारों के चीनी उत्पादों के प्रचार करने मात्र से ही इनके प्रशंसक बहुत प्रभावित होते हैं और उत्पाद का उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं। इसी वजह से चीनी कंपनियां भी इतनी मोटी रकम चुकाने से पीछे नहीं हटतीं।
सीमा पर भारत और चीन की सेना के बीच बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय व्यापारी संघ (CAIT) ने महाराष्ट्र सरकार से चीनी कंपनियों को दिए सभी ठेकों को रद्द करने की गुजारिश की है। साथ ही संघ ने फिल्मी कलाकारों से भी कहा है कि कोई भी कलाकार किसी भी चीनी उत्पाद का प्रचार भारत में ना करे। गौरतलब है कि भारत चीन सीमा पर सेना के बीच हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं। इस पर व्यापारी संघ बहुत नाराज है और पूरे देश से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का अनुरोध कर रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस बीच तीन चीनी कंपनियों के साथ प्रस्तावित नए समझौते की प्रक्रिया रद्द कर दी है।
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