बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत अपने बेबाक बोल और विवादित बयानबाजी के चलते अक्सर सुर्खियों में बनी रहती है। अपने दबंग अंदाज के चलते अभिनेत्री को कई विरोध का सामना भी करना पड़ता। हाल ही में कंगना ने देश का आजादी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। इसके चलते अभिनेत्री को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। अभिनेत्री के इस बयान के बाद से ही उन्हें काफी विरोध किया जा रहा है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ अब तक कई शहरों में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है।
विवाद: विशाल ददलानी ने बिना नाम लिए कंगना रणौत पर साधा निशाना, कहा- उसे याद दिलाएं कि...
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विशाल ने अपनी एक फोटो शेयर की है, जिसमें वह काले रंदॉग की टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि उनकी इस टी- शर्ट पर शहीद भगत सिंह की फोटो के साथ जिंदाबाद' लिखा है'। पोस्ट को शेयर करते हुए विशाल ने कैप्शन में लिखा, "उस महिला को याद दिलाएं जिसने कहा था कि हमारी आजादी 'भीख' में मिली थी। मेरी टी-शर्ट पर शहीद सरदार भगत सिंह की तस्वीर हैं, जो एक नास्तिक, कवि दार्शनिक, स्वतंत्रता सेनानी, भारत के पुत्र और एक किसान के बेटे हैं।"
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विशाल ने आगे लिखा कि, "उन्होंने 23 साल की उम्र में हमारी और भारत की आजादी के लिए अपनी जान दे दी। अपने होठों पर एक मुस्कान और एक गीत के साथ फांसी पर चढ़ गए। उसे याद दिलाएं सुखदेव, राजगुरु, अशफाकउल्लाह और उन सभी हजारों लोगों की, जिन्होंने झुकने और भीख मांगने से इनकार कर दिया था। उसे विनम्रता से याद दिलाएं, लेकिन दृढ़ता से ताकि वह फिर कभी इसे भूलने की हिम्मत न करें।"
गौरतलब है कि कंगना रणौत ने बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान एक बयान में कहा था कि देश को 1947 में आजादी नहीं, बल्कि भीख मिली थी। जो असली आजादी मिली है, वह 2014 मिली है। अभिनेत्री का यह बयान सामने आते ही देशभर में जमकर बवाल मच रहा है। आम से लेकर खास सभी उनके इस बयान की निंदा कर रहे हैं। यही नहीं कई लोगों ने तो कंगना की इस सोच को लेकर उनसे पद्म श्री सम्मान वापस लेने की भी मांग की है। इसके अलावा उन्हें गिफ्तार करने की मांग भी उठ रही है।
वहीं, अपने बयान पर बढ़ते विवाद के बाद हाल ही में कंगना रणौत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें यह बताए कि 1947 में क्या हुआ था तो वह अपना पद्म श्री सम्मान लौटा देंगी। उन्होंने इंस्टा स्टोरी पर लिखा, "इंटरव्यू में मैंने सब कुछ बहुत स्पष्ट कर दिया था। 1857 में स्वतंत्रता के लिए पहली सामूहिक लड़ाई सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर जी जैसे महान लोगों के बलिदान के साथ शुरू हुई। 1857 की लड़ाई मुझे पता है, लेकिन 1947 में कौन सा युद्ध हुआ था, मुझे पता नहीं है। अगर कोई मुझे बता सकता है तो मैं अपना पद्मश्री वापस कर दूंगी और माफी भी मांगूंगी। कृपया इसमें मेरी मदद करें।"