हिंदी सिनेमा के हैंडसम ही मैन रहे अभिनेता धर्मेंद्र को बुधवार को सुबह से जन्मदिन की बधाइयां मिल रही हैं। 86 साल के हो गए धर्मेंद्र अब भी पूरी तरह सक्रिय हैं। निर्देशक करण जौहर की अगली फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ की शूटिंग के लिए हाल ही में वह दिल्ली पहुंचे और वहां की गुलाबी सर्दी का खूब लुत्फ लिया। यहां मुंबई में उनके जुहू स्थित घर पर सुबह से ही फूलों के गुलदस्तों का आना जारी है। धर्मेंद्र के साथ हाल ही में एक विज्ञापन फिल्म बनाने वाले एड गुरु प्रभाकर शुक्ल बताते हैं कि धर्मेंद्र के साथ एक दिन भी बिताना जीवन के सबसे बड़े सबक जैसा है। प्रभाकर ने उनके साथ एक दर्द निवारक तेल की विज्ञापन फिल्म बनाई और वह कहते हैं, उस दिन धर्मेंद्र जी ने उनके जीवन का भी बहुत सारा दर्द रफू चक्कर कर दिया। प्रभाकर ने खास ‘अमर उजाला’ के लिए साझा किए धर्मेंद्र की शख्सियत से सीखे ये खास सबक। सुनते हैं, उन्हीं की जुबानी...
Dharmendra : हैंडसम ही मैन की हर बात कमाल की, एड गुरु प्रभाकर शुक्ल ने बताए धर्मेंद्र से सीखे जीवन मंत्र
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जमीन से जुड़ी शख्सीयत
“धर्मेंद्र जी के साथ एक दर्द निवारक तेल की कमर्शियल फिल्म के समय कई बार उनसे मिलने और काम करने का अवसर मिला। उनसे मैंने सीखा सम्मान देना और जमीन से जुड़ कर रहने की कला। वह सेट पर होते हैं तो पता ही नहीं चलता कि इतना बड़ा सितारा हमारे बीच में काम कर रहा है। वह कहीं भी किसी के भी साथ गप्पे मारना शुरू कर देते हैं। उनके लिए इंसान पहले इंसान है, उसका रुतबा और उसकी पोजीशन सब उसके बाद।”
दिल के साफ और सरल
“धरम जी बहुत ही सहृदय और सरल हैं। उनका इतना बड़ा अनुभव और स्टारडम लेकिन जो भी उनसे मिलता है तो वह सामने वाले को सम्मान देने के साथ इतना सहज कर देते हैं कि आप उनसे दिल से जुड़ जाते हैं। इतने लंबे अनुभव के बाद भी वह सेट पर आज भी यही कहते हैं डायरेक्टर जो कहेंगे वैसा ही करेंगें। उनकी ये बात मेरे दिल को छू गई।”
दूसरों को सम्मान देने की कला
“आमतौर पर होता यही है कि सितारा शूटिंग करने आता है और डायरेक्टर के पैकअप कहते ही सीधे अपनी गाड़ी की तरफ भागता है। उस दिन शूटिंग के समय धरम जी सेट पर आए और खूब एंजॉय करते हुए सारे शॉट्स दिए। मैंने पैकअप का एलान किया तो वह गाड़ी की तरफ जाते हुए भी रुक गए। पलटकर मुझसे पूछा, शुक्लाजी कुछ रह तो नही गया। ये उनका बड़प्पन ही दर्शाता है।”
छोटे से छोटे कर्मचारी को दुलार
“और, फिर शूटिंग के उस दिन आया वह लम्हा जिसने मुझे हमेशा हमेशा के लिए उनका कायल बना दिया। मैं जिस किसी भी सितारे के साथ शूटिंग करता हूं, उसकी शख्सीयत को भी काफी करीब से निहारता रहता हूं। मेरे लिए उनकी हर सीख जीवन मंत्र है। मैं चाहता हूं कि सितारों के ये जीवन मंत्र मैं दुनिया के साथ आगे भी बांटूं। जैसे उस दिन धर्मेंद्र जी ने अपनी गाड़ी में बैठने से पहले सेट पर मौजूद हर शख्स के साथ फोटो खिंचवाई। स्पॉट ब्वॉय से लेकर सेटिंग वाले तक किसी को भी मना नही किया। यह था उनका स्टारडम हासिल करने का हुनर और उसे बनाए रखने की कला। जमीन से जुड़े रह कर ही आप दुनिया लोगों के दिल में जगह बना सकते हैं।”