साल 2021 में 7 जुलाई के दिन दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके जाने के बाद पत्नी सायरा बानो की जिंदगी में जो सूनापन आया उसे कोई नहीं भर सकता है। दोनों की ये जोड़ी इंडस्ट्री की सबसे पुरानी और मजबूत जोड़ी में से एक रही। जब भी अगर जिक्र दिलीप साहब का हो तो सायरा बानो का नाम न लिया जाए ऐसा तो हो ही नहीं सकता। उम्र में बड़ा फासला होने के बाद भी दोनों के बीच कभी कोई कड़वाहट की बात सामने नहीं आई और हमेशा एक दूसरे का साथ निभाया। आखिरी दम तक सायरा दिलीप कुमार की साथ रहीं और अभिनेता के निधन के बाद वह इस तरह टूट गई थीं कि उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना भी कर दिया था। हिंदी सिनेमा में सायरा बानो और दिलीप कुमार की लव स्टोरी बहुत ही लोकप्रिय रही।
Dilip Kumar Death Anniversary: 12 साल की उम्र से दिलीप कुमार के लिए पागल थीं सायरा बानो, अभिनेता को रिझाने के लिए किया ये काम
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12 साल की उम्र से करती थीं प्यार
अभिनेत्री सायरा बानो महज 12 साल की थीं जब वो दिलीप कुमार से प्यार करने लगी थीं। दरअसल वह जब पहली बार फिल्म 'आन' देखने गई थीं और उन्होंने जब दिलीप साहब को पर्दे पर देखा तो बस देखती ही रह गईं और उन्होंने उसी समय सोच लिया था कि एक दिन वह उन्हें अपना बना लेंगी। यहां तक कि सायरा ने उन्हें इंप्रेस करने के लिए उर्दू और पर्शियन तक सीखी थी ।
सायरा बानो की दिलीप साहब से पहली मुलाकात 1960 में फिल्म मुगल-ए-आजम के सेट पर हुई थी। हालांकि उस समय दिलीप कुमार ने उनपर कोई ध्यान नहीं दिया, क्योंकि उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी और इसलिए दिलीप साहब भी वह उन्हें एक छोटी बच्ची की तरह ट्रीट कर रहे थे, लेकिन सायरा तो दिल ही दिल में उन्हें अपना मान बैठी थीं। अब फिल्मों में आने के सिवाय सायरा बानो के पास कोई और रास्ता नहीं था। इसलिए उन्होंने अपनी मां से फिल्मों में काम करने की इच्छा जाहिर की।
1960 में फिल्म मुगल-ए-आजम रिलीज होने के ठीक एक साल बाद 1961 में सायरा बानो की फिल्म 'जंगली' रिलीज हुई औऱ इसके बाद उनकी एक के बाद एक कई फिल्में आती गईं। हालांकि अभी भी वह इस इंतजार में थीं कि कब उनकी जोड़ी दिलीप साहब के साथ बनेगी। वह दिन भी आ गया जब फिल्म में दोनों को लिए जाने की बात हुई लेकिन दिलीप साहब ने ये कहते हुए मना कर दिया कि सायरा की उम्र बहुत कम है ऐसे में जोड़ी बेमेल लगेगी और एक बार फिर से सायरा का दिल टूट गया।
पहली बार दिलीप कुमार को हुआ अहसास
जहां सायरा बानो दिलीप साहब को दीवानों की तरह चाहती थीं, वहीं अभिनेता उनमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे, लेकिन जब सायरा के जन्मदिन के मौके पर दिलीप कुमार उनके घर पहुंचे तो उन्हें देखते ही रह गए। ये पहला मौका था उस दिन दिलीप साहब को एहसास हुआ कि सायरा बिल्कुल अलग हैं। इसके बाद दोनों को प्यार हो गया और 11 अक्टूबर 1966 को दोनों ने शादी कर ली। उनके उम्र का फासला कभी उनके बीच नहीं आया और आखिरी दम तक सायरा दिलीप के साथ रहीं।