यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार का 7 जुलाई बुधवार की सुबह निधन हो गया। उनके निधन ने बॉलीवुड को गहरा धक्का दिया है। दिलीप कुमार के निधन पर बॉलीवुड स्टार्स के साथ साथ देश के बड़े बड़े दिग्गज नेताओं ने भी शोक जाहिर किया। प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे जैसे तमाम राजनेताओं ने सायरा बानो को ढांढस बंधाया और दिलीप साहब के गुजर जाने पर दुख व्यक्त किया। दिलीप कुमार के निधन ने सिर्फ भारत को ही नहीं बल्कि पाकिस्तान को भी दर्द पहुंचाया है। दिलीप पाकिस्तान के पेशावर में पैदा हुए थे और उनका पुश्तैनी घर आज भी वहीं मौजूद है। उनके गुजर जाने के गम में पाकिस्तान में उनके फैंस और रिश्तेदारों ने उन्हें गैबाना नमाज ए जनाजा यानि अंतिम विदाई दी।
अलविदा यूसुफ: पेशावर में दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर के बाहर लोगों ने अदा की नमाज, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया था। इमरान खान ने ट्विटर पर लिखा- 'दिलीप कुमार के निधन से दुखी हूं। उन्होंने SKMTH परियोजना के लिए धन जुटाने में जो मेरी मदद की थी वो मैं कभी भूल नहीं पाउंगा। इस परियोजना के शुरुआती समय में पहले 10 प्रतिशत धन जुटाने के लिए और पाकिस्तान व लंदन में उनकी उपस्थिति ने हमारी काफी मदद की थी। इसके अलावा मेरी पीढ़ी के लिए दिलीप कुमार सबसे महान और सबसे बहुमुखी अभिनेता थे'।
Funeral prayers in absentia offered outside ancestral house of #DilipKumar in #Peshawar. pic.twitter.com/UUqTNaXhFW
पेशावर में जन्में दिलीप कुमार को पाकिस्तान की सरकार ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से नवाजा था।दिलीप साहब की बचपन की यादों से सजे इस घर को पाकिस्तान की पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने खरीदने की मंजूरी दे दी है। पेशावर के जिला आयुक्त कैप्टन खालिद महमूद ने अभिनेता के घर को वर्तमान मालिकों की आपत्तियों को खारिज कर दिया और उनके घर को पुरातत्व विभाग को सौंपने के आदेश दिए।
Actor Dilip Kumar’s (Yousaf Khan) funeral in absentia offered at his birthplace in Muhalla Khudadad, Qissa Khwani, #Peshawar. Prayers held for him at various points in the city. pic.twitter.com/EDnHCu3jcd
बता दें कि जिला आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक जमीन अधिग्रहण करने वाले विभाग के नाम रहेगी यानि निदेशक पुरात्तव एवं संग्राहलय। दिलीप साहब के 100 साल पुराने इस घर की कीमत 80 लाख रुपये तय की गई । इसे 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था।
7 जुलाई की शाम को दिलीप कुमार को जुहू के सांताक्रूज कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अपने सितारे को अंतिम विदाई देने के लिए फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा। दिलीप कुमार को पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। जिस तरह का अभिनय दिलीप कुमार करते थे वो लाखों-करोड़ों की प्रेरणा थे।