साल 1978 को हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का साल कहा जाता है। इस साल सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 10 फिल्मों में तीन फिल्में अमिताभ की रहीं और तीनों पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर। इस साल अमिताभ की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी ‘मुकद्दर का सिकंदर’, जिसमें वह रेखा के साथ थे। प्रकाश मेहरा निर्देशित इस फिल्म के बाद दूसरे नंबर पर रही यश चोपड़ा की ‘त्रिशूल’ और इसके बाद तीसरे नंबर पर आई निर्देशक चंद्रा बारोट की फिल्म ‘डॉन’। वैसे तो इन दिनों ‘डॉन 3’ के चर्चे हर तरफ हैं और तमाम वेबसाइट पर इस बात को लेकर पोल भी चल रहे हं कि इसके अनाउंसमेंट वीडियो में रणवीर सिंह की पहली झलक शाहरुख खान के मुकाबले कैसी है लेकिन क्या आपको पता है कि ओरिजिनल फिल्म ‘डॉन’ बनाने वालों की भी पहली पसंद अमिताभ बच्चन नहीं थे।
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'डॉन 3' में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। इसी कड़ी में हम आपके लिए अमिताभ बच्चन स्टारर 'डॉन' से जुड़ा एक मजेदार किस्सा लेकर आए हैं।
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जी हां, फिल्म ‘डॉन’ बनाने वाले सबसे पहले सलीम-जावेद की लिखी ये फिल्म लेकर अमिताभ बच्चन के पास नहीं बल्कि उस दौर के एक और सुपरस्टार जितेंद्र के पास गए थे। लेकिन, उन दिनों फिल्म सितारों पर इस बात की सीलिंग लगी थी कि वह एक नियत संख्या से अधिक फिल्में एक साथ नहीं कर सकते थे। दरअसल, 70 और 80 के दशक में स्टार्स एक साथ इतनी ज्यादे फिल्में साइन कर लेते हैं कि एक -एक निर्माता को अपनी फिल्म को पूरा करने में तीन से चार साल तक लग जाते हैं।
ऐसे में फिल्म निर्माताओं ने संगठित होकर नियम बनाया कि कोई भी स्टार साल में छह से ज्यादा फिल्में साइन नहीं करेगा। अगर उसने छह से ज्यादा फिल्में साइन की, तो उस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। फिल्म 'डॉन' के निर्देशक चंद्रा बरोट जब फिल्म का ऑफर लेकर जितेंद्र के पास गए तो जितेंद्र पहले से ही छह फिल्में साइन कर चुके थे। इस वजह से जितेंद्र ने 'डॉन' में काम करने की असमर्थता जताई।
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फिल्म 'डॉन' की कहानी जितेंद्र को काफी पसंद थी। निर्माताओं के द्वारा प्रतिबंध की वजह से जितेंद्र 'डॉन' फिल्म नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने ही फिल्म में अमिताभ बच्चन को लेने का सुझाव दिया। इस तरह से अमिताभ बच्चन को फिल्म 'डॉन' ऑफर हुई। और, यह फिल्म अमिताभ बच्चन के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में अनजान के लिखे और कल्याणजी आनंदजी के संगीतबद्ध गाने भी उन दिनों खूब हिट हुए। खासतौर से ‘खइके पान बनारस वाला...!’
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जितेंद्र को पूरा विश्वास था कि 'डॉन' के किरदार के साथ अमिताभ बच्चन ही सही न्याय कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने चंद्रा बरोट को फिल्म में अमिताभ बच्चन को लेने का सुझाव दिया। इतना ही नहीं, जितेंद्र ने खुद भी अमिताभ बच्चन को फोन करके बताया कि 'डॉन' की स्क्रिप्ट बहुत अच्छी है, इसे हाथ से मत जाने देना। जब अमिताभ बच्चन ने 'डॉन' की स्क्रिप्ट पड़ी तो उन्होंने जितेंद्र के बारे में कहा कि उनको स्क्रिप्ट की अच्छी समझ है। अब भी इस फिल्म का जिक्र चलने पर वह ये बात मानते हैं और जितेंद्र का आभार भी जताते हैं।
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