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मां की वजह से बरसों तक नहीं निकला रानी के दिमाग से ये डर, अब 'मर्दानी' बनकर किया मुकाबला

Sat, 07 Dec 2019 01:20 PM IST
Avinash Pal पंकज शुक्ल, मुंबई
पंकज शुक्ल, मुंबई Published by: Avinash Pal Updated Sat, 07 Dec 2019 01:20 PM IST
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Exclusive Interview with mardaani 2 Star Rani Mukherjee
रानी मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला

'बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी।' सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता की इन पंक्तियों से लिए गए शब्द पर यशराज फिल्म्स ने पांच साल पहले फिल्म मर्दानी बनाई। फिल्म हिट रही तो अब इसकी सीक्वेल भी बनकर तैयार है। फिल्म की लीड कलाकार रानी मुखर्जी से एक खास मुलाकात।



'मर्दानी' से 'मर्दानी 2' तक आते आते आप इंस्पेक्टर से एसपी बन गई हैं। आपके किरदार की ये तरक्की से कितना बदलाव आया है?
इस फिल्म में मेरे लिए सबसे मुश्किल था खाकी वर्दी में रहकर नियमों और कानूनों की रक्षा करना। मैंने अपनी पहली से दूसरी फ़िल्म में काफी कुछ बदला है। आप जानते हैं कि क्राइम ब्रांच में सारे काम बहुत ही खुफिया तरीके से किए जाते हैं। मैं उस फिल्म में एसपी हूं तो मुझे काफी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है।

Exclusive Interview with mardaani 2 Star Rani Mukherjee
रानी मुखर्जी - फोटो : सोशल मीडिया

आपने इस फ़िल्म के लिए तैराकी भी सीखी?
जी हां, इस फ़िल्म में एक पानी के अंदर का दृश्य है। दरअसल जब इस फ़िल्म के निर्देशक गोपी पुथरन पटकथा लेकर जब मेरे पास आए तब मैंने कहानी सुनने के बाद कहा कि गोपी, कहानी तो बहुत अच्छी है तो, जाहिर है कि मैं करना चाहूंगी लेकिन, एक दिक्कत है। यह जो पानी के नीचे का फाइट सीन है, वह आपने क्या सोचकर लिखा? तो गोपी बोलते हैं कि ये सीन मेरे लिए बहुत ज़रूरी है। मैं चाहता हूं कि ये फिल्माया जाए। तो मैंने कहा ठीक है। हम पहले फ़िल्म पर काम करते हैं। इसके बाद यह बहुत ही ज़रूरी सीन है तो हम इसपर भी काम करेंगे। हमने अपनी फिल्म की शूटिंग जून में खत्म की। फिर मुंबई में बारिश शुरू हो गई। तब जाकर हमने अक्टूबर में इस सीन को पूरा किया। इसी दौरान मैंने अंडर वाटर ट्रेनिंग सेंटर पर तैराकी के गुर सीखे। अब मुझे पानी से डर नहीं लगता। 

यह सीन कहानी से निकालने की आपने कोशिश भी की थी?
हां, मैंने गोपी को समझाने की बहुत कोशिश की। गोपी ने कहा कि आप पूरी कहानी छोड़कर सिर्फ एक सीन के पीछे क्यों पड़ गई हो? तब मैंने बताया कि इसमें बहुत बड़ी समस्या है। मुझे तैराकी नहीं आती। 
 
क्या आपको तैराकी में बचपन से ही दिक्कत थी?
मेरी मां ने एक कहानी मेरे जेहन में बचपन से ही डाल रखी है। मैं एक बार तैराकी सीख रही थी तभी मैं अचानक डूबने लगी। यह देखकर मेरी मां को बेचैनी का दौरा सा पड़ा। तबसे उन्होंने मुझे कभी तैराकी नहीं सीखने दी। अब मुझे भी पानी से डर लगता है। वैसे मैं पानी में रह सकती हूं, बशर्ते पैरों के नीचे ज़मीन हो। मेरी लंबाई भी कम है तो पानी एक हद तक हो तो ही बेहतर है।  

Exclusive Interview with mardaani 2 Star Rani Mukherjee
Mardaani 2 - फोटो : amar ujala mumbai

देश में किशोर अपराधियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। आपने इसका कोई मनोवैज्ञानिक कारण जानने की कोशिश की है?
आप जिस तरह से यह जानने के लिए उत्सुक हैं ठीक वैसे ही मैं भी उत्सुक थी। हाल ही में मेरी मुलाकात वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अर्चना त्यागी से हुई। यही सवाल मैंने उनसे किया था। उन्होंने बताया कि बच्चों को आसानी से जो अश्लील वीडियो देखने मिल जाते हैं, शायद यह उन्हीं का असर है। मेरा ये मानना है कि कोई बच्चा अपराधी पैदा नहीं होता। वह सबकुछ अपने घर से ही सीखता है। अभिभावकों को बच्चों के सामने सभी से अच्छे ढंग से पेश आना चाहिए। उन्हें चाहिए कि वह अपने बच्चों को घर की और बाहर की औरतों की इज्जत करना सिखाएं। स्कूल की शिक्षा अलग है लेकिन घर की शिक्षा का महत्व बच्चे के ज्यादा मायने रखता है।

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Exclusive Interview with mardaani 2 Star Rani Mukherjee
Rani Mukerji film Mardaani 2 - फोटो : Amar Ujala, Mumbai

'हिचकी' समेत पिछली कुछ फिल्मों में आपने लीक से हटकर किरदारों को चुना है। तो आपने ये कब निर्णय लिया कि मैं अब ऐसे ही किरदार करूंगी?
मेरी पहली ही फ़िल्म 'राजा की आएगी बारात' मेरे लिए बहुत चैलेंजिंग थी। उसमें मैंने एक बलात्कार पीड़िता का किरदार निभाया है। मैंने 'ब्लैक' और 'मेहंदी' जैसी फिल्में की हैं। मेरा ग्राफ कुछ ऐसा है कि जहां मैंने 'ब्लैक' की वहीं मैंने 'बंटी और बबली' की। मैंने 'वीर-ज़ारा' की तो वहीं मैंने 'चलते चलते' की। मैंने हमेशा संतुलन बनाए रखा है। जो कहानी मुझे आकर्षित करती है, मुझे लगता है कि ये भारतीय महिलाओं के लिए कुछ प्रेरणा बन सकती है तो वो किरदार निभाना मैं जरूर चाहूंगी। मैंने हमेशा कोशिश की है कि भारतीय महिलाओं की दुनिया में जो छवि है, वह इस तरह की बने कि लोग कहें, भारतीय महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।

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Exclusive Interview with mardaani 2 Star Rani Mukherjee
Mardaani 2

फ़िल्म 'वीर-ज़ारा' में शाहरुख और रानी एक ही फ्रेम थे लेकिन दोनों रोमांस नहीं कर रहे थे। तो, यह आपके लिए कितना मुश्किल था?
मेरे लिए यह बहुत मुश्किल था। शाहरुख को पिता तुल्य किरदार में देखकर हज़म ही नहीं हो रहा था, तो हमारे लिए यह बहुत बड़ा चैलेंज था कि कैसे शाहरुख को पिता तुल्य किरदार में स्वीकारें? हम लोग बहुत हंसते थे। आंखों में आँखें जैसे ही मिलती थीं तो झट से हमारी हंसी छूट जाती थी। शाहरुख को देखकर मेरे भीतर हमेशा प्रेम की ही भावना उमड़ती है। इसलिए थोड़ा लीक से हटकर पिता के लिए जो प्यार होता है, वही करने की कोशिश मैंने की। फिर भी मैं इसमें ज्यादा सफल नहीं हुई। 

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